नई दिल्ली: श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच विश्व कप 2023 में सोमवार को नई दिल्ली में खेले गए मुकाबला हमेशा के लिए अनचाही वजह से रिकॉर्डु बुक्स में दर्ज हो गया। 146 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार कोई खिलाड़ी टाइम आउट हुआ। इस दौरान पहले बल्लेबाजी कर रही श्रीलंकाई पारी के 25वें ओवर की दूसरी गेंद पर बल्लेबाजी करने के लिए एंजेलो मैथ्यूज मैदान पर उतरे लेकिन दुर्भाग्यवश उनके हेलमेट का क्लैंप टाइट करते हुए टूट गया और उन्हें पहली गेंद का सामना करने से पहले ड्रेसिंग रूप में दूसरा हेलमेट मंगाना पड़ा। ऐसे में बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने उनके खिलाफ टाइट आउट की अपील कर दी और विवादास्पद रूप से नियमानुसार उन्हें आउट करार दिया गया। बगैर कोई गेंद खेले एंजेलो को पवेलियन वापस लौटना पड़ा।
श्रीलंका बनाम बांग्लादेश
शाकिब अल हसन ने नहीं वापस ली अपील
एंजेलो मैथ्यूज ने मैदान पर अंपायर्स से चर्चा की और इसके बाद शाकिब अल हसन से अपील वापस लेने का अनुरोध किया लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद गुस्से से भरे हुए एंजेलो वापस पवेलियन लौटे। लेकिन इस पूरे विवाद ने खेल भावना को तार-तार कर दिया। हर कोई शाकिब के इस निर्णय से चकित था। शाकिब ने जो किया वो क्रिकेट प्रेमियों को नागवार गुजरा। ऐसे में मैच के खत्म होने के बाद श्रीलंका के खिलाड़ियों ने एक कड़ा निर्णय किया और श्रीलंका के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाए। जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।
हाथ नहीं मिलाने के निर्णय का किया बचाव
मैच के बाद प्रेस कॉन्फेंस में शिरकत करने आए मैथ्यूज ने अपना गुस्सा निकाला और मैच के बाद श्रीलंका के खिलाड़ियों के बांग्लादेश के खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाने पर मैथ्यूज ने कहा कि अगर कोई टीम उनका सम्मान नहीं करती जो फिर वे कैसे उनका सम्मान करें। मैथ्यूज ने कहा, 'अगर कोई टीम हमारा सम्मान नहीं कर रही है तो फिर हम भी उसका सम्मान कैसे कर सकते हैं।'
आईसीसी को बदलना चाहिए नियम
मैच के बाद बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने कहा कि उन्हें अपने निर्णय पर कोई मलाल नहीं है। सब कुछ नियमों के दायरे में है।खेल भावना से जुड़े सवाल पर शाकिब ने कहा कि अगर ऐसा है तो आईसीसी को नियम बदल देना चाहिए।
