आयरलैंड के खिलाफ टीम इंडिया को हर हाल में जीत की दरकार थी और स्मृति मंधाना संकटमोचक की तरह सामने आईं और 56 गेंद पर 87 रन की पारी खेलकर भारत को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, बाद में बारिश के कारण खेल पूरा नहीं किया जा सका और भारत ने बारिश से बाधित मैच में डकवर्थ लुईस नियम से 5 रन से मुकाबला जीत लिया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
स्मृति मंधाना
मुश्किल पारियों में से एक- मंधाना
मैच के बाद मंधाना ने अपनी इस पारी को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए इसे करियर की मुश्किल पारियों में से एक बताया। जिस पिच पर दूसरे बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे वहां स्मृति ने ऐसे बल्लेबाजी की जैसे वह किसी अलग ही पिच पर खेल रही हों। उन्होंने 87 रन की अपनी पारी में नौ चौके और तीन छक्के जड़े। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी है।भारत ने बारिश से प्रभावित इस मैच को डकवर्थ लुईस पद्धति से पांच रन से जीत कर लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल का टिकट कटाया।
मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गयी स्मृति ने पुरस्कार समारोह में कहा, ‘यह अब तब की मेरी सबसे मुश्किल पारियों में से एक है। पिच मुश्किल थी, लेकिन जिस गति से वे गेंदबाजी कर रहे थे और तेज हवा कारण परिस्थितियां और चुनौतीपूर्ण हो गयी थी।’
उन्होंने कहा, ‘ हम एक दूसरे से (सलामी जोड़ीदार शेफाली वर्मा के साथ) कह रहे थे कि क्रीज पर बने रहने की कोशिश करनी चाहिये और अपनी लय बरकरार रखे। मुझे शुरू में रन बनाने में परेशानी हो रही थी। वह भी सही टाइमिंग के साथ शॉट नहीं लगा पा रही थी।’
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी स्मृति की तारीफ करते हुए कहा, ‘स्मृति ने रन बनाए जो हमारे लिए काफी अहम रहा। जब भी वह टीम को अच्छी शुरुआत देती है तो हम बड़े स्कोर तक पहुंच जाते हैं।’
