SMAT 2025 Final: ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में झारखंड ने हरियाणा को 69 रनों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा किया। इस शानदार जीत के सबसे बड़े नायक स्वयं कप्तान ईशान किशन रहे, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। ईशान किशन इस टूर्नामेंट के फाइनल में शतक बनाने वाले पहले कप्तान भी बन गए हैं, जो उनकी नेतृत्व क्षमता और शानदार फॉर्म का प्रमाण है।
झारखंड बना सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का चैंपियन (फोटो- BCCI)
किशन और कुशाग्र की विध्वंसक साझेदारी
मैच की शुरुआत में हरियाणा ने टॉस जीतकर झारखंड को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया, लेकिन कप्तान ईशान किशन ने उनके इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। किशन ने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बारिश करते हुए मात्र 45 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने कुल 49 गेंदों का सामना करते हुए 101 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 गगनचुंबी छक्के और 6 चौके शामिल थे। ईशान को दूसरे छोर पर कुमार कुशाग्र का भरपूर साथ मिला, जिन्होंने 38 गेंदों पर 81 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। किशन और कुशाग्र ने दूसरे विकेट के लिए महज 177 रनों की विशाल साझेदारी की, जिसने हरियाणा के गेंदबाजों के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया।
स्कोरबोर्ड पर खड़ा किया 262 रनों का विशाल पहाड़
मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी इस गति को बनाए रखा। अनुकूल रॉय ने 20 गेंदों पर नाबाद 40 रन और रॉबिन मिंज ने मात्र 14 गेंदों पर नाबाद 31 रनों का योगदान दिया। इन आक्रामक पारियों की बदौलत झारखंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 262 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह किसी भी टी20 फाइनल के लिहाज से एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था, जिसने हरियाणा की टीम को शुरुआत से ही भारी दबाव में डाल दिया।
लक्ष्य के बोझ तले दबी हरियाणा की टीम
263 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरियाणा की टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम ने महज 1 रन के स्कोर पर ही अपने दो महत्वपूर्ण विकेट खो दिए थे। इस खराब शुरुआत के बाद हरियाणा की टीम कभी भी संभल नहीं सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। हालांकि, विकेटकीपर यशवर्धन दलाल ने 22 गेंदों पर 53 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर कुछ संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन वह टीम को जीत के करीब ले जाने के लिए काफी नहीं था। निशांत सिंधु ने 31 और सामंत देवेंद्र जाखड़ ने 38 रनों का योगदान दिया, लेकिन पूरी टीम 18.3 ओवर में 193 रनों पर सिमट गई।
झारखंड की धारदार गेंदबाजी और पहली खिताबी जीत
झारखंड की जीत में गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों के बराबर ही भूमिका निभाई। सुशांत मिश्रा और बाल कृष्ण ने घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 3-3 विकेट चटकाए, जबकि विकास सिंह और अनुकूल रॉय ने भी 2-2 विकेट लेकर हरियाणा की पारी को समेटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह जीत झारखंड के क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर है क्योंकि यह उनका पहला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खिताब है। विशेष बात यह रही कि झारखंड और हरियाणा दोनों ही टीमें पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन कर झारखंड ने बाजी मार ली।
