Ranji Trophy Final: किस चिंटू को जयदेव उनादकट ने रणजी ट्रॉफी का खिताब किया समर्पित

  • Authored by: शेखर झा
  • Updated Feb 19, 2023, 07:43 PM IST

Ranji Trophy Final 2022-23: जयदेव उनादकट की कप्तानी वाली टीम सौराष्ट्र ने रणजी ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा जमाया। टीम ने फाइनल में बंगाल को 9 विकेट से हराया। सौराष्ट्र के कप्तान जयदेव उनादकट ने यह खिताब चिंटू को समर्पित किया। आइए जानते हैं कि ये चिंटू कौन हैं...

कोलकाता| सौराष्ट्र के लेट आर्म पेसर जयदेव उनादकट ने शानदार गेंदबाजी कर टीम को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाया। खिताबी मुकाबले में टीम ने दो बार की चैम्पियन बंगाल को 9 विकेट से हराया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले बीसीसीआई ने जयदेव उनादकट को रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेलने के लिए रिलीज कर दिया था। चैम्पियन बनने के बाद सौराष्ट्र टीम के कप्तान जयदेव उनादकट ने सौराष्ट्र के चिंटू को समर्पित किया। 100वां टेस्ट खेल रहे चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में विजयी रन बनाकर भारत को जीत दिलाई। पुजारा को प्यार से चिंटू भी बुलाते हैं। पुजारा भी सौराष्ट्र टीम से फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं।

Jaydev Unadkat.

जयदेव उनादकट। फोटो- जयदेव उनादकट के ट्विटर से

उनादकट ने बंगाल को दिए सबसे ज्यादा झटके

जयदेव उनादकट ने बंगाल के खिलाफ सबसे ज्यादा 9 विकेट चटकाए। प्लेयर ऑफ द मैच रहे उनादकट ने पहली पारी में 13.1 ओवर में 44 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने कहर बरपा दिया। उन्होंने 22.4 ओवर में 85 रन देकर सबसे ज्यादा 6 विकेट लिए।

उनादकट की कप्तानी में तीसरा खिताब

31 साल के जयदेव उनादकट की कप्तानी में सौराष्ट्र टीम का यह तीसरा खिताब है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2022-23 में खिताब जीतने से पहले 2019-20 में रणजी ट्रॉफी और 2022 में विजय हजारे ट्रॉफी के खिताब पर भी कब्जा जमाया था।

पुजारा ने जड़ा विजयी रन

100वां टेस्ट खेल रहे चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विजयी रन बनाया। उन्होंने पहली पारी में सात गेंदों का सामना किया, लेकिन खाता नहीं खोल पाए और नाथन लायन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। वहीं, दूसरी पारी में पुजारा ने 74 गेंदों में चार चौकों की मदद से नाबाद 31 रन बनाए। इसके अलावा पुजारा 243 फर्स्ट क्लास मैच में 18,556 रन बना चुके हैं। इसमें 56 शतक और 74 अर्धशतक भी शामिल है।

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