पिता का अधूरा सपना पूरा करेगा हनुमान भक्त, सारांश, डेब्यू के साथ ही बना देगा खास रिकॉर्ड

श्रीलंका दौरे के लिए पहली बार सारांश जैन को टीम इंडिया में शामिल किया गया है। सारांश अपने पिता सुबोध जैन के सपने को पूरा करने उतरेंगे जो कभी भारत के लिए नहीं खेल पाए थे। सारांश के पास रिकॉर्डबुक में दर्ज होने का सुनहरा मौका है।

’’बेटा अगर मौका मिले तो बिंदास खेलना। किसी तरह का दबाव मत लेना।’’ ये एक पिता की उस बेटे को सलाह है जो श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया में चुने गए हैं। सारांश जैन को जब पहली बार टीम इंडिया में शामिल होने की खबर बीसीसीआई की ओर से आई तो वो हनुमान मंदिर में थे और फोन नहीं उठा पाए। हालांकि, कुछ देर बाद यह कन्फर्म हो गया कि उनके 12 साल की मेहनत रंग ला चुकी है और जल्द वह अपने पिता का सपना साकार करने वाले हैं। सपना जो कभी पिता ने देखा था, भारतीय टीम की जर्सी पहनने का, लेकिन अब सारांश यह सपना पूरा करेंगे।

Saransh Jain

सारांश जैन (साभार-AI Image)

घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन का ईनाम

ऑफ ब्रेक गेंदबाज सारांश जैन को घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का ईनाम मिला है। उन्होंने मध्य प्रदेश की रणजी ट्रॉफी में जीत में बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं दलीप ट्रॉफी के दो मैचों में 16 विकेट और ईरानी कप में भी अच्छा प्रदर्शन किया। टीम इंडिया में सेलेक्शन इसी का परिणाम है।

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