भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए 3 टी20 मैचों की सीरीज के दूसरे टी20 मैच में टीम इंडिया ने 7 विकेट से बड़ी जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस मैच में वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर मौका नहीं मिला और संजू सैमसन को बरकरार रखा गया। हालांकि, सैमसन ने लय में वापसी की और अफगानिस्तान द्वारा दिए गए 160 रनों के लक्ष्य को हासिल करने में अहम योगदान दिया। संजू ने भारत के लिए 22 गेंदों में सर्वाधिक 57 रनों की पारी खेली और आलोचकों की बोलती बंद कर दी। इस पारी के बाद जब संजू सैमसन से वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने क्या कहा, आइए जानते हैं।
संजू सैमसन का वैभव सूर्यवंशी पर बयान (AP/X)
ओपनिंग स्लॉट के लिए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी से मिल रही कड़ी चुनौती के कारण सैमसन पर काफी दबाव है। इस पर संजू सैमसन ने कहा, "भारतीय टीम को संभालना आसान काम नहीं है। देखिए, एक 15 साल के लड़के ने 700-800 रन बनाए हैं। टूर्नामेंट से पहले उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। उसे किसी न किसी तरह टीम में आना ही था। मुझे लगता है कि मैं दो या तीन मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था।"
संजू ने आगे कहा, "वो अच्छी फॉर्म में था और उस सीरीज में मैच जिताना चाहता था। लीडरशिप के नजरिए से यह बात पूरी तरह समझ में आती है। जैसा कि मैंने पहले कहा, मैं भी ऐसी स्थिति से गुज़र चुका हूँ। एक कप्तान के तौर पर मैंने भी कई कड़े फैसले लिए हैं, इसलिए मैं यह बात समझता हूं। यहीं पर बातचीत (कम्युनिकेशन) अहम हो जाती है।" सैमसन ने कहा कि ऐसे फैसलों को संभालने में ग्रुप के बीच बातचीत बहुत ज़रूरी रही।
संजू ने कहा, "जैसा कि मैंने पहले कहा, बातचीत बहुत ज़रूरी थी। सीरीज़ के दौरान भी काफी बातचीत हुई। इस सीरीज़ से पहले भी उन्होंने (हेड कोच गौतम गंभीर) मुझसे काफी बात की थी।इसलिए कड़े फैसले लेना आसान नहीं होता। लोकप्रिय फैसले लेना तो बहुत आसान है। लेकिन मुझे लगता है कि लीडरशिप ग्रुप के तौर पर हमने टीम को प्राथमिकता देते हुए कुछ वाकई कड़े फैसले लिए हैं। यहीं पर हमें लीडरशिप ग्रुप को श्रेय देना चाहिए।"
