सचिन तेंदुलकर ने शिक्षक दिवस पर रमाकांत आचरेकर को नहीं, तो फिर किसे किया याद

Sachin Tendulkar on Teacher's Day: सचिन ने कहा कि एक महान टीचर या मेंटर वही होता है जो आपमें वो संभावना देख ले जो आप खुद भी नहीं देख पाते। उनके पिता ने उन्हें कभी यह नहीं बताया कि क्या बनना है, बल्कि खुद अपना रास्ता खोजने का हौसला दिया।

Sachin Tendulkar on Teacher's Day: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने शिक्षक दिवस पर अपने पिता रमेश तेंदुलकर को श्रद्धांजलि दी। सचिन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि उनके क्रिकेट के सफर की शुरुआत किसी कोच से नहीं, बल्कि घर से हुई थी। उनके पिता ही पहले इंसान थे जिन्होंने उनके अंदर क्रिकेट के जुनून को पहचाना और उसे पूरा करने की आजादी दी। सचिन ने लिखा, "मेरे परिवार के बाहर किसी को मेरा नाम पता चलने से बहुत पहले, मेरे पिता ने मेरे प्यार को पहचान लिया था। उन्हें नहीं पता था कि ये सफर मुझे कहां ले जाएगा, लेकिन उन्होंने मुझे इसे अपनाने की आजादी दी।"

Sachin Tendulkar

सचिन तेंदुलकर (फोटो साभार- @sachin_rt)

पिता की सबसे बड़ी सीख की साझा

सचिन ने अपने पिता की सबसे बड़ी सीख भी साझा की। सचिन ने बताया कि उनके पिता, जो खुद एक लेखक, कवि और प्रोफेसर थे, हमेशा चरित्र और ईमानदारी पर जोर देते थे। बचपन की एक बात जो आज भी उनके साथ है - "फेल होना ठीक है, लेकिन चीटिंग नहीं। कभी शॉर्टकट मत लो।" सचिन ने कहा कि एक महान टीचर या मेंटर वही होता है जो आपमें वो संभावना देख ले जो आप खुद भी नहीं देख पाते। उनके पिता ने उन्हें कभी यह नहीं बताया कि क्या बनना है, बल्कि खुद अपना रास्ता खोजने का हौसला दिया।

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