Sachin Tendulkar 50th Birthday Special: भारत के पूर्व क्रिकेटर सचिन रमेश तेंदुलकर को "क्रिकेट का भगवान" और "मास्टर ब्लास्टर" भी कहा जाता है। उनका जन्म 24 अप्रैल, 1973 को महाराष्ट्र के मुंबई शहर में हुआ था। भारत रत्न से नवाजे जा चुके इस क्रिकेटर को हिंदुस्तान में ‘हर परिस्थितियों’ में परफॉर्म करने वाला प्लेयर माना गया है।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
हालांकि, महान बैट्समैन को इंटरनेशनल क्रिकेट को टाटा बोले 10 साल का वक्त हो चुका है (खबर लिखे जाने तक), मगर उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ शख्सियतें, लोकेशंस और किस्से हैं, जो उन्हें आज भी प्रासंगिक बना देते हैं। तेंदुलकर के 50वें जन्मदिन के उपलक्ष्य पर जानिए कैसे उनके नाम SACHIN के सभी अक्षर (अंग्रेजी में) न सिर्फ उनके लिए बल्कि क्रिकेट फैंस और फॉलोअर्स के लिए बेहद खास हैं। आइए, जानते हैं इस बारे में:
S (शिवाजी पार्क जिमखाना)
शिवाजी पार्क जिमखाना वह लोकेशन है, जहां से सब कुछ शुरू हुआ था। रमाकांत आचरेकर (तेंदुलकर के गुरु) की चौकस निगाहों के बीच तेंदुलकर ने मुंबई क्रिकेट का पालना माने जाने वाले इस मैदान में खेल के गुर सीखे थे।
A (अंजलि, अर्जुन, अजीत)
तेंदुलकर के मुताबिक, अंजलि (पत्नी) उनकी जिंदगी की ‘सर्वश्रेष्ठ साझेदारी’ हैं, जबकि बेटा अर्जुन क्रिकेट मैदान में पिता की विरासत आगे ले जा रहा है और अगर भाई अजीत की कोशिश नहीं होती तो क्या पता दुनिया बांद्रा के उस शख्स की बल्लेबाजी की जादूगरी से वंचित रह जाती।
C (सेंचुरियन)
यह साउथ अफ्रीका की वह जगह है जहां तेंदुलकर ने शायद अपनी सबसे शानदार वनडे पारियों में से एकः 2003 वर्ल्ड कप के वक्त पाक के खिलाफ 98 रन की खेली थी। फास्ट बॉलर शोएब अख्तर के ओवर में प्वॉइंट के ऊपर से लगाए छक्के को फैंस आज भी याद रखते हैं।
H (हैरिस शील्ड)मुंबई का जाना-माना इंटर स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट जहां विनोद कांबली के साथ 664 रनों की साझेदारी के बाद दुनिया को पहली बार सचिन रमेश तेंदुलकर के बारे में पता चला था।
I (इंजमाम उल हक)पाकिस्तान के पूर्व कप्तान के पास बताने के लिए एक दिलचस्प कहानी थी। दरअसल, उनका बेटा इब्तिसाम तेंदुलकर का कर्रा फैन था। 2004 के पाक के ऐतिहासिक दौरे के बीच इंजमाम बेटे को तेंदुलकर से मिलाने के लिए भारतीय अभ्यास सत्र के दौरान लाए थे।
N (नरसिंह देवनारायण)
नरसिंह देव नारायण के इंटरनेशनल करियर के बारे में लिखने के लिए कुछ भी नहीं है, पर वेस्टइंडीज के इस गेंदबाज को हमेशा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेंदुलकर को आउट करने वाले आखिरी गेंदबाज के रूप में याद रखा जाएगा। ऑफ स्पिनर ने 2013 में वानखेडे में दूसरे टेस्ट के दौरान सचिन को 74 रन बनाने के बाद आउट किया। भारत ने यह मैच पारी और 126 रन से जीता था। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
