बारबडोस पर एक बार फिर लो स्कोर वाला मैच हुआ। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम केवल 114 रन बनाकर ढेर हो गई। भारत ने 115 रन के लक्ष्य को 22.5 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मैच में कुल मिलाकर 45.5 ओवर की गेंदबाजी हुई और 15 विकेट गिरे। इन 15 विकेट में 10 विकेट लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजों ने झटके। लेकिन लो स्कोर वाले इस मैच में कई ऐसे रिकॉर्ड बने, जिसके कारण यह मैच हमेशा के लिए यादगार हो गया।
रवींद्र जडेजा और वेस्टइंडीज टीम (साभार-AP)
भारत के लिए पहली बार यह कारनामा
इस मैच में कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने मिलकर 43 रन दिए और 7 विकेट झटके। इसमें कुलदीप ने 4 और जडेजा ने 3 विकेट चटकाए। वनडे क्रिकेट में भारत के लिए यह पहला मौका है जब लेफ्ट आर्म स्पिन गेदबाजों ने एक ही मैच में 7 विकेट झटके हैं।
भारत के खिलाफ घर में सबसे कम स्कोर
यह भारत के खिलाफ घर में वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ सबसे कम स्कोर 121 रन का था, जो उसने 1997 में पोर्ट ऑफ स्पेन में बनाया था।
कम ओवर खेल ऑलआउट होने का रिकॉर्ड
इस मैच में वेस्टइंडीज की टीम केवल 23 ओवर खेल कर ऑलआउट हो गई। यह वेस्टइंडीज का ऑलआउट होने के मामले में एक रिकॉर्ड है। सबसे कम ओवर खेलकर वेस्टइंडीज 2011 में बांग्लादेश के खिलाफ आउट हुई थी। उस मैच में टीम केवल 22 ओवर खेली थी और 61 रन बनाकर ढेर हो गई थी।
रवींद्र जडेजा सबसे सफल गेंदबाज
इस मैच में रवींद्र जडेजा ने 3 विकेट लेकर भारत-बनाम वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मैच में अपने विकेट की संख्या को 44 तक पहुंचा दिया जो सर्वाधिक है। उन्होंने कपिल देव के 43 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
