स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन अफवाहों को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया जा रहा था कि रोहित शर्मा के इंटरनेशनल क्रिकेट भविष्य की समाप्ति की बात कही जा रही थी। राजीव शुक्ला ने दावों को निराधार बताते हुए कहा कि कोई सवाल ही नहीं उठता है, रोहित टीम का हिस्सा हैं और वह खेलना जारी रखेंगे। रोहित के भविष्य को लेकर इंग्लैंड दौरे पर सवाल उठे थे।
रोहित के संन्यास पर राजीव शुक्ला। फोटो- BCCI
टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके रोहित का शर्मा का बल्ला वनडे मैच में खामोश था। इसे देखते हुए अटकलें तेज हो गई कि रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जाने वाले मुकाबले के बाद वनडे क्रिकेट को भी अलविदा कह देंगे। खबर आई की रोहित लॉर्ड्स में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।
रोहित ने बल्ले से दिया जवाब
39 साल के रोहित शर्मा ने अपने बल्ले से जवाब दिया। रोहित ने 110 गेंद पर 138 की उम्दा पारी खेलकर आलोचकों को बता दिया कि उनका समय अभी खत्म नहीं हुआ है। वहीं, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी मुकाबले से पहले ही यह ऐलान कर दिया कि रोहित के संन्यास की खबरें गलत हैं। वहीं, अब उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी अफवाहों को गलत ठहरात हुए सच्चाई बताई हैं।
'वह खेलना जारी रखेंगे'
राजीव शुक्ला ने कहा, रोहित शर्मा टीम का हिस्सा हैं और वह खेलना जारी रखेंगे। मीडिया और सोशल मीडिया पर संन्यास को लेकर जो बात चल रही है। उसका कोई अर्थ नहीं है। इस यह उनके रिटायरमेंट का सवाल ही नहीं उठता।
'शोर नहीं होगा तो मजा कैसे आएगा'
लॉर्ड्स में खेली गई रोहित शर्मा की पारी ने यह साबित कर दिया कि वनडे क्रिकेट में उनका भविष्य क्या है? रोहित लगातार यह सुनिश्चित किया है कि वह देश के लिए खेलना जारी रखेंगे और वह 2027 के वनडे वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा हैं। बीसीसीआई के एक वीडियो में रोहित ने खुद कहा था कि बाहर क्या चल रहा है इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। उनका काम देश के लिए अच्छा खेलना है।
रोहित ने कहा, मेरा काम खेलना और देश का प्रतिनिधित्व करना है। जब से मैंने डेब्यू किया है, तब से शोर-शराबा होता रहा है और जब तक मैं खेलता रहूंगा, तब तक यह होता रहेगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; मायने यह रखता है कि मैं मैदान पर कैसा खेलता हूं। मेरा ध्यान टीम के लिए योगदान देने पर है, बस यही मेरा फोकस है। शोर-शराबे को होने दें, अगर शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा; मेरा काम मैदान के अंदर है और उनका काम बाहर है।
