टेस्ट क्रिकेट की घटती लोकप्रियता ने सबको चिंता में डाल दिया है। इसको लेकर कई पूर्व खिलाड़ी सुझाव दे चुके हैं। इस क्रम में अब टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और हेड कोच राहुल द्रविड़ ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की दरकार है। उनका मानना है कि सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को ऑल-फॉर्मेट में होना चाहिए। द्रविड़ डबलिन में ईपीएल के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस टूर्नामेंट में उनकी टीम डबलिन गार्जियन भी खेल रही है। इतना ही नहीं उन्होंने सूर्यवंशी को लेकर कहा कि इस खिलाड़ी को रेड और व्हाइट दोनों फॉर्मेट में संतुलन बनाकर चलना चाहिए।
राहुल द्रविड़ और वैभव सूर्यवंशी (साभार-X)
उन्होंने कहा 'बैलेंस होना जरूरी है और मुझे लगता है कि वैभव ने ये किया है। उन्होंने व्हाइट बॉल क्रिकेट में आईपीएल में अच्छा खेला और अब फिर रेड बॉल क्रिकेट के लिए घरेलू टूर्नामेंट में खेल रहे हैं। हम सब चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट बचे और आगे बढ़े और इसके लिए हमें वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है।
सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 15 वर्ष की आयु में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उन्हें 3 मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन एक बार भी वो 20 रन का आंकड़ा नहीं छू सके। भारत यह सीरीज 1-4 से हार गया। मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान, सूर्यवंशी ने 15 वर्ष और 99 दिन की आयु में भारत के लिए डेब्यू कर सबसे युवा भारतीय होने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के टेस्ट डेब्यू (16 वर्ष 205 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ा था।
सूर्यवंशी के छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में छह टी20 मैचों में 32.16 की औसत और 189.21 के स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। उनके टी20 और लिस्ट ए के आंकड़े शानदार हैं। 15 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 40 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 42.82 की औसत और 216.32 के स्ट्राइक रेट से 1,670 रन बनाए हैं, जिनमें चार शतक और आठ अर्धशतक शामिल हैं। लिस्ट ए के 13 मैचों में उन्होंने 43.38 की औसत से 564 रन बनाए हैं, जिनमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं।
