स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने पर भुवनेश्वर कुमार के लिए भारतीय वनडे टीम के दरवाजे खुल सकते हैं। इतना ही नहीं वह अगले साल अफ्रीका में होने वाले 50 ओवर के विश्व कप में जसप्रीत बुमराह के साथ भारतीय टीम का हिस्सा बन सकते हैं।
अश्विन ने भुवनेश्वर के चयन पर जताई खुशी। फोटो- BCCI
मंगलवार, 6 अक्टूबर, 2026 को बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम का ऐलान किया। भुवनेश्वर कुमार को चार साल के अंतराल के बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उन्होंने आखिरी बार 2022 में न्यूजीलैंड के ही खिलाफ टी20I मुकाबला खेला था। भुवनेश्वर कुमार की वापसी से दिग्गज क्रिकेटरों ने खुशी जाहिर की है।
'फेंक सकते हैं वर्ल्ड कप की पहली गेंद'
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'वह अब न्यूजीलैंड जा रहे हैं। मैं आपको बता रहा हूं, अगर वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो हर कोई तुरंत कहेगा कि उन्हें वनडे टीम में भी शामिल करो। चयनकर्ता उन पर बहुत करीब से नजर रखेंगे। अगर वह गेंद को स्विंग कराते हैं और अच्छी फिटनेस दिखाते हैं तो जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार को विश्व कप के लिए एक ही विमान में जाने से कोई नहीं रोक सकता। भुवनेश्वर विश्व कप की पहली गेंद भी डाल सकते हैं।
100 टी20 विकेट लेने से 10 विकेट दूर
भुवनेश्वर ने अपना पिछला वनडे मैच 2022 में पार्ल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। उत्तर प्रदेश के इस तेज गेंदबाज ने अब तक 121 एकदिवसीय मैच में 141 विकेट लिए हैं। वहीं, 87 टी20 मैच में 90 विकेट दर्ज हैं। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करने से 10 विकेट दूर हैं।
अश्विन ने कहा कि 36 वर्षीय भुवनेश्वर की तेज गति से गेंद को स्विंग कराने की क्षमता दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी परिस्थितियों में काफी उपयोगी साबित हो सकती है। अश्विन ने उम्मीद जताई कि भुवनेश्वर अपनी फिटनेस बरकरार रखेंगे, क्योंकि अतीत में उन्हें चोटों से जूझना पड़ा है।
बन सकते थे प्रमुख खिलाड़ी
उन्होंने कहा, 'मैं एक बार फिर यह कहने का जोखिम उठा रहा हूं कि अगर उन्होंने थोड़ी अधिक मेहनत की होती, समय सही रहा होता और वे उन चोटों से बच पाए होते तो उनके पास जो टैलेंट है, उसके दम पर वह सभी प्रारूपों में भारत के लिए एक बड़े खिलाड़ी बन सकते थे।'
