Pardeep Narwal Interview: हजारों की भीड़ में अलग पहचान बनाना है तो आपको एक अलग रास्ता बनाना होगा। ऐसा ही कुछ भारत के स्टार कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल ने कर दिखाया है। चाचा को खेलते हुए देख उन्होंने कबड्डी खेलने की इच्छा जाहिर की और कोच ने सही समय पर मौका दिया। तभी आज प्रदीप ने कबड्डी जगत में अपने नाम का परचम लहराया है। यही वजह है कि प्रदीप आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। प्रो कबड्डी में उनके नाम सबसे ज्यादा पॉइंट है। उन्होंने 157 मैचों में कुल 1610 अंक हासिल किए हैं, जबकि, वे बेस्ट रेडर, मोस्ट सक्सेसफुल रेड और मोस्ट सुपर रेड में टॉप पर हैं।
प्रदीप नरवाल।
प्रो कबड्डी के 10वें सीजन का आगाज हो चुका है। अभी तक यूपी योद्धा की टीम 4 मुकाबले खेल चुकी है। टीम को 4 मैचों में से दो में जीत मिली, जबकि दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। टीम 12 अंक के साथ पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर है। इस बीच, मौजूदा सीजन में यूपी योद्धा की ओर से खेल रहे बेस्ट रेडर प्रदीप नरवाल ने Times Now Navbharat से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने इस साल टीम के चैम्पियन बनने के प्लान के साथ अपने शुरुआती लम्हों को लेकर चर्चा की।
सवाल: यूपी योद्धा की टीम लगातार पांच बार नॉकआउट में पहुंची, लेकिन चैम्पियन नहीं बन पाई। इस बार ट्रॉफी उठाने का क्या प्लान है?
प्रदीप- यूपी योद्धा की टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। लेकिन ट्रॉफी उठाने से चूक जा रही है। कोच साहब ने इस साल टीम में कई बदलाव किए हैं। अच्छे डिफेंडर के साथ अच्छे ऑलराउंडर भी टीम में शामिल किए हैं। इस बार टीम और सभी खिलाड़ी पूरी कोशिश करेंगे कि प्रो कबड्डी की ट्रॉफी अपने नाम कर सके।
सवाल: आपके हिसाब से इस सीजन में सबसे मजबूज टीम कौन सी है?
प्रदीप- प्रो कबड्डी के 10वें सीजन की अभी शुरुआत हुई है। ऐसे तो अभी नहीं कह सकता है कि कौन सी टीम मजबूत है। लीग में हिस्सा लेने वाली सभी टीमें अच्छी हैं। अभी सभी टीमों के साथ मैच भी नहीं हुए हैं, लेकिन यह जरूर कहूंगा कि इस बार रोमांचक मुकाबला होने वाला है।
सवाल: आपको कबड्डी का तेजतर्रार खिलाड़ियों में गिना जाता है। लेकिन मौजूदा सीजन में आपकी शुरुआत धीमी देखने को मिली?
प्रदीप: शुरुआत धीमी तो नहीं कह सकते। पहला मैच था। उसमें टीम अच्छा नहीं कर पाई। उसके बाद हर मैच में अच्छा कर रही है। कई खिलाड़ी नेशनल कैम्प में थे तो कई रेलवे के कैंप में। इस लिए प्रैक्टिस ज्यादा नहीं कर पाए थे।
सवाल: आप किसी और खेल में करियर बना सकते थे, लेकिन आपने कबड्डी को ही क्यों चुना?
प्रदीप: मेरे गांव में कबड्डी के अलावा कोई दूसरा गेम नहीं खेला जाता है। मेरे पापा की उम्र के लोग भी कबड्डी खेलते हैं। मेरे परिवार में भी कई कबड्डी खिलाड़ी हैं। चाचा, मेरा छोटा भाई, ताउ का बेटा, चाचा का लड़का भी खेलता है। अब बात करते हैं कि मैंने कबड्डी ही क्यों चुना। मेरे चाचा कबड्डी खेलने के लिए जाते थे। मैं भी उनके साथ खेल देखने के लिए जाता था। एक दिन कोच की नजर मेरे पर पड़ी और उन्होंने कबड्डी खेलने को बुलाया। इसके बाद धीरे-धीरे खेल में मन लगने लगा और आज मैं इस मुकाम तक पहुंच गया हूं।
सवाल: यूपी योद्धा एकेडमी से नए खिलाड़ियों को कितना फायदा मिल रहा है?
प्रदीप: यूपी योद्धा की एकेडमी शानदार है। वहां लगातार कैम्प आयोजित होते हैं। वहां रहने के अलावा अच्छा स्तर की सुविधाएं हैं। वहां लगातार नए खिलाड़ी को कबड्डी के गुण सिखाए जा रहे हैं।
