India vs Austraila ODI series: बायीं कलाई की चोट से उबर रहे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने मंगलवार को कहा कि उनका लक्ष्य विश्व कप से पहले सितंबर के आखिर में भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना है। इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में 27 से 31 जुलाई के बीच खेले गए पांचवें एशेज टेस्ट मैच के दौरान कमिंस की कलाई में फ्रैक्चर हो गया था और उन्हें छह सप्ताह के विश्राम की सलाह दी गई थी।
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाड़ी। (फोटो- Australia Cricket Team Twitter)
इस तेज गेंदबाज का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात से 17 सितंबर तक होने वाली पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला से बाहर रहना तय है। ऑस्ट्रेलिया इसके बाद भारत के खिलाफ 22, 24 और 27 सितंबर को एकदिवसीय मैच खेलेगा।
कमिंस ने कहा,‘मैं सीरीज के आखिरी चरण में दक्षिण अफ्रीका जाऊंगा लेकिन हमारी निगाहें विश्वकप से पहले (भारत के खिलाफ) होने वाले एकदिवसीय मैचों पर टिकी हैं। चोट की स्थिति नहीं बिगड़नी चाहिए। बस कुछ और सप्ताह और कलाई पूरी तरह से ठीक हो जाएगी।’
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान को उम्मीद है कि वह भारत में पांच अक्टूबर से 19 नवंबर का होने वाले वनडे विश्वकप में टीम की अगुवाई करने के लिए तैयार रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वकप के बाद वह वनडे कप्तान के रूप में अपनी भूमिका की समीक्षा कर सकते हैं। कमिंस ने कहा,‘वनडे की कप्तानी को लेकर हमने कुछ बातें साझा की हैं। हम विश्वकप में इस पर गौर करेंगे।’ उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम के कप्तान नियुक्त किए गए मिशेल मार्श वनडे की कप्तानी संभालने के लिए उपयुक्त विकल्प हैं।
कमिंस ने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि हमारे पास कुछ विकल्प हैं। मिशेल मार्श अगर टी20 की कप्तानी कर रहा है तो निश्चित तौर पर वह मुख्य विकल्प है। मैदान के बाहर वह शानदार इंसान है। वह बेहद ऊर्जावान खिलाड़ी है। उसके साथ घूमने फिरने में मजा आता है।’ कमिंस ने पिछले साल आरोन फिंच से ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने जो छह मैच खेले हैं उनमें से केवल दो मैचों में ही वह टीम की कप्तानी कर पाए हैं।
जोश हेजलवुड को मौका देने के लिए वह इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में नहीं खेल पाए थे जबकि इस साल के शुरू में अपनी मां के निधन के कारण वह भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला में नहीं खेल सके थे। तब स्टीव स्मिथ ने टीम का नेतृत्व किया था।
