नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम पिछले एक दशक से आईसीसी खिताब जीतने में नाकाम रही है। विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल तक पहुंचने में सफल रही लेकिन खिताबी जीत हासिल नहीं कर सकी। हाल ही में 6 से 12 जून के बीच लंदन के ओवल मैदान पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। रोहित शर्मा की कप्तानी में एक बार फिर टीम इंडिया के हाथ से आईसीसी खिताब के सूखा खत्म करने का मौका निकल गया।
आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी 2013 चैंपियन टीम इंडिया(साभार BCCI)
धोनी ने रचा था कप्तानी इतिहास
ऐसे में हर कोई भारतीय टीम को टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाने वाले एमएस धोनी की याद आने लगी। भारतीय टीम ने 10 साल पहले 23 जून, 2013 को मेजबान इंग्लैंड को मात देकर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। इसके साथ ही एमएस धोनी आईसीसी के सीमित ओवरों के खिताब जीतने वाले दुनिया के पहले कप्तान भी बने थे।
बारिश से प्रभावित फाइनल बना टी20
बर्मिंघम में खेले गए बारिश से प्रभावित मुकाबले को घटाकर 20-20 ओवर का कर दिया गया था। इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टर कुक ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया। भारत की शुरुआत खराब रही और रोहित शर्मा 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद शिखर धवन और विराट कोहली ने मोर्चा संभाला और दोनों ने मिलकर टीम को 50 रन के पार पहुंचाया। इसी स्कोर पर धवन 24 गेंद में 31 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
66 रन पर टीम इंडिया ने गंवाए 5 विकेट
धवन के आउट होने के बाद विराट ने एक छोर संभाला और दूसरे छोर से विकेट गिरते गए। 66 के स्कोर पर भारत ने 5 विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में रवींद्र जडेजा ने विराट का साथ दिया। दोनों ने मिलकर टीम को 113 रन तक पहुंचा दिया। विराट 34 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। अंत में जडेजा ने 25 गेंद में 33 रन की पारी खेली और भारत को 7 विकेट पर 129 रन तक पहुंचाया।
इंग्लैंड की भी रही थी खराब शुरुआत, ईशांत ने पलटा पासा
जीत के लिए 130 रन के लक्ष्य का बचाव करने उतरी भारतीय टीम ने भी अच्छी शुरुआत की और 46 रन तक 4 विकेट चटका लिए। ऐसे में इयोन मोर्गन और रवि बोपारा ने मोर्चा संभाला और 110 रन तक पहुंचाया। ऐसे में इशांत शर्मा मे लगातार दो गेंद पर मोर्गन और बोपारा के विकेट चटकाकर भारत की मैच में वापसी करा दी। इसके बाद 19वें ओवर में रवींद्र जडेजा ने जोस बटलर को बोल्ड कर दिया। इसके बाद टिम ब्रेसन को रन आउट कर दिया।
अश्विन ने अंतिम ओवर में बचाए 15 रन बनाया चैंपियन
अंतिम ओवर में जीत के लिए 15 रन बनाने थे। ऐसे में धोनी ने आर अश्विन पर भरोसा जताया और वो उनके भरोसे पर खरे उतरे। अश्विन ने 9 रन दिए। ओवर की पहली और आखिरी गेंद पर बगैर कोई रन दिए अश्विन ने भारत को जीत दिला दी। मैच में भारतीय शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करने वाले रवींद्र जडेजा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं शिखर धवन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। जडेजा ने गोल्डन बॉल पुरस्कार भी अपने नाम किया।
