IND vs SL 1st Test: टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक बार फिर बल्लेबाजी के दौरान अपने गलत शॉट चयन को लेकर आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं। उनके करियर में ऐसा बार-बार होता रहा है और अब क्रिकेट विशेषज्ञ इस बात को लेकर आगबबूला होने लगे हैं क्योंकि सुधार कहीं नजर नहीं आ रहा है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ श्रीलंका में चल रहे पहले टेस्ट में पंत की लापरवाही भरी बल्लेबाजी से बेहद हताश नजर आए और अपनी निराशा उन्होंने खुलकर जाहिर भी की है।
ऋषभ पंत पर भड़के मोहम्मद कैफ (PTI/AP)
मोहम्मद कैफ ने कहा कि उनकी बस यही शिकायत है कि श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में ऋषभ पंत को आक्रामक शॉट (आगे बढ़कर जोरदार शॉट) खेलने के बजाय 'कॉमन सेंस' का इस्तेमाल करना चाहिए था। कैफ के मुताबिक, दूसरे आक्रामक बल्लेबाज़ अपने खेलने का अंदाज़ बदले बिना भी भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ से कहीं बेहतर 'क्रिकेटिंग लॉजिक' दिखाते हैं। पंत को लेकर बहस कभी खत्म नहीं होती। वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अक्सर मिडिल ऑर्डर में खेलते हुए मैच का रुख बदला है और भारत को कई शानदार टेस्ट जीत दिलाने में मदद की है।
हालांकि, जब उनकी रणनीतियां काम नहीं करतीं तो निराशा होती है। उदाहरण के लिए, गॉल में 61 गेंदों में 39 रन पर बैटिंग करते हुए और देवदत्त पडिक्कल के साथ 71 रन की पार्टनरशिप के दौरान उन्होंने केशव नुवान्था के खिलाफ आक्रामक होने का फैसला किया, जो सफल नहीं रहा। किसी और दिन, उनके उस शॉट से श्रीलंका को भारत के निचले क्रम तक आसानी से पहुँचने का मौका मिल सकता था, लेकिन वह शॉट पूरी तरह से खेल के बहाव के खिलाफ था।
नई गेंद से पहला ओवर था
कैफ ने कहा, "ऋषभ पंत जिस तरह से आउट हुए, उसे लेकर मुझे कोई शिकायत नहीं है। वह ऐसे ही खेलते हैं, लेकिन शिकायत कॉमन सेंस की कमी को लेकर है। यह नई गेंद से पहला ओवर था। उस ओवर में वह तीन बार उछले। कॉमन सेंस कहता है कि कट शॉट खेलें। नई गेंद से पांच-छह ओवर तक खेल को समझें। टेस्ट मैच में यही परंपरा रही है। जो भी खिलाड़ी उनकी तरह खेलते हैं, वे भी कॉमन सेंस का इस्तेमाल करते हैं।"
पहली ही गेंद पर टूट पड़े
मोहम्मद कैफ ने कहा, "मुझे हैरानी हुई कि वो (ओवर की) पहली ही गेंद पर टूट पड़े। थोड़ा सोच-समझकर खेलना चाहिए। भले ही कोई बल्लेबाज़ 150 रन पर खेल रहा हो, लेकिन नई गेंद आने पर वह भी कुछ गेंदें संभलकर खेलता है। इस मामले में मैं उनके नंबर काटूंगा। सोच-समझ और क्रिकेट की समझ के मामले में वह काफी पीछे रह गए।"
