वर्ल्ड कप 2023 के कार्यक्रमों की घोषणा हो गई है। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पहली बार मोहाली को वर्ल्ड कप में एक भी मैच नहीं मिला है। कभी वर्ल्ड कप मैचों के लिए सबसे पसंदीदा मैदान मोहाली को आखिर इस बार एक भी मैच क्यों नहीं नसीब हुआ, इस बारे में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम आईसीसी के स्टैंडर्ड पर खरा नहीं उतरी और इसलिए इसे मेजबानी नहीं मिली है।
मोहाली क्रिकेट स्टेडियम (साभार-BCI)
बीसीसीआई उपाध्यक्ष ने बताया कारण
उनकी यह प्रतिक्रिया तब आई है जब इसको लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगी थी। उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा 'पहली बार वर्ल्ड कप के लिए 12 वेन्यू चुने गए हैं। इससे पहले पिछले विश्व कप में इतने स्थानों का चयन नहीं किया गया था। इन 12 स्थानों में से त्रिवेन्द्रम और गुवाहाटी में अभ्यास मैच होंगे, बाकी स्थानों पर लीग मैच होंगे। अधिक केंद्रों को समायोजित किया गया है। साउथ जोन से चार स्थान, सेंट्रल जोन से एक स्थान, वेस्ट जोन से दो स्थान, नॉर्थ जोन से दो स्थान वर्ल्ड कप में मेजबानी करेंगे।'
आईसीसी लेती है निर्णय
उन्होंने आगे कहा कि मोहाली में मुलानपुर स्टेडियम तैयार हो रहा है। यदि यह समय रहते बन गया होता तो वर्ल्ड कप की मेजबानी मिल जाती, लेकिन मोहाली का जो वर्तमान स्टेडियम है वह आईसीसी के स्टैंडर्ड को मैच नहीं करता है। यह पूरी तरह से आईसीसी के हाथ में है।
कभी वर्ल्ड कप मैच का पसंदीदा था मोहाली
इस बार भले ही मोहाली को एक भी वर्ल्ड कप मैच न मिला हो, लेकिन एक वक्त मोहाली वर्ल्ड कप मैच की अगुआई के लिए सबसे पसंदीदा स्टेडियमों में से एक हुआ करती थी। 1996 और 2011 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मुकाबला यहीं खेला गया था। 2011 में भारत और पाकिस्तान के बीच सेमीफाइनल मुकाबला यही खेला गया था, जहां टीम इंडिया ने 29 रन से जीत दर्ज की थी।
