दुबई: टीम इंडिया के स्टार प्लेयर रवींद्र जडेजा की आईसीसी रैंकिंग में बतौर नंबर वन ऑलराउंडर चार साल से चली आ रही बादशाहत आखिरकार बुधवार 28 अक्टूबर, 2026 को खत्म हो गई। दक्षिण अफ्रीका के मार्को यानसेन आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिग में दुनिया के नंबर वन ऑलराउंडर बन गए हैं। 1694 दिन बाद जडेजा को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी है।
मार्को यानसेन (फोटो क्रेडिट@ProteasMenCSA X)
पहले बार बने नंबर वन ऑलराउंडर
ताजा रैंकिंग में यानसेन एक पायदान ऊपर करियर में पहली बार नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर बन गए हैं। 26 वर्षीय यानसेन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका की जीत में अहम भूमिका निभाई। यानसेन ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 85 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 5 विकेट लेकर मैच का रुख ही बदल दिया। यानसेन के इस प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका तीन मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी करने में सफल रहा।
दुनिया के नंबर वन गेंदबाज भी बने, बल्लेबाजी में भी लगाई छलांग
यानसेन केवल दुनिया के नंबर वन टेस्ट ऑलराउंडर बनने के अलावा दुनिया के नंबर वन टेस्ट गेंदबाज भी बन गए हैं। इल मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क को पीछे छोड़ा। बांए हाथ के तेज गेंदबाज यानसेन दूसरे टेस्ट में 33 रन देकर 5 विकेट चटकाए और पांच स्थान की छलांग लगाकर दुनिया के नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं। यानसेन के बैटिंग रैंकिग में भी बड़ा फायदा हुआ है। वो 13 स्थान की छलांग लगाकर 69वें से 56वें स्थान पर पहुंच गए हैं। तीनों रैंकिंग में यानसेन की रैंकिंग में इजाफा इस बात की तसदीक करता है कि
स्टेन ने बताया है दुनिया का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर
इससे पता चलता है कि दक्षिण अफ़्रीकी टीम के लिए एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में उनका महत्व लगातार बढ़ रहा है। यानसेन ने ये उपलब्धि उस वक्त हासिल की है जब डेन स्टेन ने उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर करार दिया है। यानसेन की ताजा रैंकिंग इस बात को और पुख्ता करती है कि खेल के तीनों फॉर्मेट में उनका प्रभाव लगातार और तेजी से बढ़ रहा है।
