चेन्नई: कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाड़ी रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर तीसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ट्रॉफी जीतने के बाद जश्न मनाते हुए भावनाओं से भरे थे और उन्होंने इसके लिए ‘मेंटोर’ गौतम गंभीर और सहायक कोच अभिषेक नायर के योगदान को अहम बताया। आंद्रे रसेल और हर्षित राणा के लिए आईपीएल चैम्पियन बनने के बाद अपनी भावना व्यक्त करना मुश्किल हो रहा था, उन्होंने भी नायर की प्रशंसा की।
कोलकाता नाइट राइडर्स (साभार IPL/BCCI)
रसेल ने कहा, खुशी बयां करने के लिए नहीं है शब्द
केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद को 113 रन पर ढेर करने के बाद एकतरफा फाइनल में आठ विकेट से जीत दर्ज कर तीसरी ट्रॉफी जीती। फाइनल में दो विकेट लेने वाले हर्षित राणा ने जीत के बाद कहा,'मैं कितना खुश हूं, यह बता नहीं सकता।' अनुभवी रसेल भी अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश कर रहे थे और उनके पास इस खुशी को बयां करने के लिए शब्द नहीं थे। रसेल ने कहा,'बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। यह खिताब बहुत मायने रखता है। मुझे खुशी है कि हम सभी अनुशासित थे और एक लक्ष्य के लिए काम करते थे। इस फ्रेंचाइजी ने मेरे लिए बहुत कुछ किया है। यह ट्राफी हम सभी की ओर से उनके लिए एक तोहफा है।
वरुण चक्रवर्ती ने की नायर की सराहना
अपनी स्पिन गेंदबाजी से सत्र का सफल समापन करने वाले वरुण चक्रवर्ती ने नायर के योगदान की सराहना करते हुए कहा,'अभी मैं सिर्फ उस व्यक्ति के बारे में सोच सकता हूं जिसने इस कोर टीम को बनाया है, वो हैं अभिषेक नायर।' उन्होंने नायर को अपनी ओर बुलाते हुए कहा,'कृपया यहां आयें।
अभिषेक नायर ने तैयार की है केकेआर की कोर टीम
वेंकटेश अय्यर 26 गेंद में 52 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने भी टीम की सफलता में नायर की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा, 'ट्रॉफी जीतकर खुश हूं। जैसा कि वरुण ने कहा कि अभिषेक नायर को सारा श्रेय जाता है। कुछ लोगों के योगदान पर ध्यान नहीं जाता है लेकिन मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि ऐसा नहीं हो। वह जिस तरह से इस फ्रेंचाइजी के लिए काम कर रहे हैं, इस व्यक्ति को सारा श्रेय जाता है।.यह जीत उन प्रशंसकों के लिए है जो साल दर साल आते रहे और 10 साल तक इंतजार करते रहे।'
कभी नहीं भूलूंगा ये दिन-नीतीश राणा
नीतीश राणा ने कहा, 'मैं एक छोटी सी बात साझा करना चाहता हूं कि जब ‘जीजी’ (गौतम गंभीर) भैया को ‘मेंटोर’ बनाया गया तो मैंने उन्हें एक लंबा संदेश भेजा क्योंकि मैं बहुत खुश था। लेकिन उन्होंने जवाब देते हुए कहा, ‘धन्यवाद, लेकिन मुझे खुशी होगी अगर हम पोडियम पर अपने हाथ में ट्रॉफी लिये खड़े हों’। आज वो दिन है और मैं उस संदेश को कभी नहीं भूलूंगा।'
पूरा हुआ सात साल का सपना
खतरनाक ट्रेविस हेड को आउट करने वाले तेज गेंदबाज वैभव अरोड़ा ने कहा,'मेरी भूमिका नयी गेंद से विकेट लेने की है। उसके बाद स्पिनर अपना काम कर रहे थे। इसलिए आज भी पावरप्ले में विकेट लेना ही लक्ष्य था जो हुआ भी। रिंकू सिंह ने कहा,'मेरा सात साल का सपना पूरा हो गया। आखिरकार मैं ट्रॉफी उठाऊंगा। मुझे अपनी पूरी टीम और ‘जीजी’ सर पर गर्व है। यह भगवान की योजना थी।'
