स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Karn Sharma Retirement: भारत के लिए एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 मैच खेलने वाले लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। रेलवे के इस क्रिकेटर ने शनिवार रात कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच यूपी टी20 लीग मैच के बाद यह घोषणा की। वह 25 अगस्त को लखनऊ लेग के दौरान अपना आखिरी मैच खेलेंगे।
कर्ण शर्मा ने क्रिकेट को कहा अलविदा। फाइल फोटो
साल 2014 में कर्ण शर्मा ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। ऑस्ट्रेलिया को खिलाफ उन्होंने टेस्ट डेब्यू, श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में अपना टी20I डेब्यू किया था। कर्ण शर्मा ने भारत के लिए एक टेस्ट मैच में चार विकेट और दो वनडे मैच में कोई विकेट नहीं हासिल किया। वहीं, एक टी20 मैच में कर्ण शर्मा ने एक विकेट हासिल किया है।
कर्ण शर्मा ने चटकाए हैं 591 विकेट
कर्ण शर्मा के घरेलू क्रिकेट पर नजर डालें तो उन्होंने 97 फर्स्ट क्लास मैच में कुल 270 विकेट, लिस्ट ए क्रिकेट में 153 विकेट और टी20 क्रिकेट में 168 विकेट लिए हैं। कर्ण शर्मा के नाम कुल 591 विकेट चटकाए हैं।
आईपीएल के बनाई पहचान
लेग स्पिनर कर्ण शर्मा, प्रवीण कुमार और भुवनेश्वर कुमार के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर मेरठ से सुर्खियां बटोरने वाले तीसरे क्रिकेटर बने, जब उन्हें 2014 की आईपीएल नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने 3.75 करोड़ रुपये में खरीदा। 2013 में उन्होंने सनराइजर्स के लिए 13 मैचों में 6.60 की इकॉनमी रेट से 11 विकेट लिए थे। उन्होंने भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा के साथ एक दमदार जोड़ी बनाई, जिसके चलते सनराइजर्स ने अपने पहले ही सीजन में सेमीफाइनल तक पहुंचकर सबको चौंका दिया।
जीते हैं चार आईपीएल ट्रॉफी
वे 2007 से रेलवे के लिए घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन 2012-13 के सीजन में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उस सीजन में तीन रणजी मैचों में 19.04 की औसत से 21 विकेट लेने के बाद उन्हें बीसीसीआई द्वारा सर्वश्रेष्ठ अंडर-25 क्रिकेटर का पुरस्कार मिला। उन्होंने 2014 में आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराते हुए 25.06 की औसत से 15 विकेट लिए।
इस दमदार प्रदर्शन के चलते उन्हें 2014 में भारतीय टीम में जगह मिली। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा। वह घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे। बाद में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े। उन्होंने CSK के साथ दो बार और एक बार मुंबई और एक बार सनराइजर्स हैदराबाद के साथ एक-एक बार आईपीएल ट्रॉफी जीती हैं।
