Smart Replay System: मैच कोई भी हो एक गलत निर्णय मैच के रिजल्ट तो बदलते ही हैं कप्तान के हालाता और जज्बात भी बदल देते हैं। यही कारण है कि निर्णय दुरुस्त हो इसको लेकर इंडियन प्रीमियर लीग को खेल की दूसरी सबसे लोकप्रिय लीग है कोई कसर नहीं रखना चाहती। इसी निर्णय क्षमता को और भी प्रभावी बनाने के लिए आईपीएल आने वाले सीजन में एक नया स्मार्ट रिप्ले सिस्टम (Smart Replay System) लाने वाली है।
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (साभार-IPL)
क्या है स्मार्ट रिप्ले सिस्टम (What Is Smart Replay System)
रिपोर्ट्स की मानें तो इस बार रिव्यू सिस्टम में कम गलती हो और तीसरे अंपायर को जज करने में आसानी हो इसके लिए खास तैयारी की जा रही है। मैदान में हॉक-आई के आठ हाई स्पीड कैमरे लगाए जाएंगे। दो कैमरा ऑपरेटर तीसरे अंपायर के साथ भी बैठेंगे जो उन्हें रियल टाईम इमेज मुहैय्या कराएंगे। इस नए सेटअप के आने से टीवी ब्रॉडकास्ट डायरेक्टर जो पहले तीसरे अंपायर और हॉक-आई ऑपरेटर की बीच की कड़ी थे, उनका काम खत्म हो जाएगा।
सीएसके मैच (साभार-IPL)
स्मार्ट रिप्ले सिस्टम से क्या होगा फायदा?
स्मार्ट रिप्ले सिस्टम टीवी अंपायर को पहले की तुलना में अच्छा और सटीक विजुअल्स एक ही स्क्रीन पर मिलेगी और उन्हें निर्णय लेने में आसानी होगी। इससे गलती की गुंजाइश भी लगभग खत्म हो जाएगी। इस सिस्टम के आने से बाउंड्री लाइन के करीब लिए जाने वाले कैच संबंधित निर्णय में और पारदर्शिता आएगी। इस नियम के आने बाउंड्री रोप कैच, ओवरथ्रो संबंधी निर्णय लेने में आसानी होगी। 2019 वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान तीसरे अंपायर के पास पर्याप्त विजुअल्स नहीं रहने के कारण इंग्लैंड टीम को अतिरिक्त के तौर पर रन मिल गए थे और न्यूजीलैंड का वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया था। यदि स्मार्ट रिप्ले सिस्टम की एक्सिस तब होता तो शायद ऐसा नहीं होता।
