लंदन: चेन्नई के मीडिया ग्रुप सन ग्रुप के स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने गुरुवार को ’द हंड्रेड’ खिलाड़ी नीलामी के दौरान स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा जिससे वह टूर्नामेंट में किसी भारतीय के मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा करार किए जाने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए। ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बोली लगाने की होड़ के बाद सनराइजर्स ने अहमद की सेवाएं लेने के लिए 190000 पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) दिए।
काव्या मारन(फोटो क्रेडिट IPL/BCCI)
नहीं लगेगी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए बोली!
अबरार के खरीदे जाने से उन बातों पर भी विराम लग गया कि हंड्रेड में भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए बोली नहीं लगाएंगी क्योंकि आईपीएल की फ्रेंचाइजी ने 2009 से दोनों पड़ोसी देशों के बीच खराब राजनयिक रिश्तों के कारण उनसे कोई अनुबंध नहीं किया है। सन ग्रुप आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का भी मालिक है। उसने पिछले साल पहले के नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स का टेकओवर किया था। सनराइजर्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी काव्या मारन नीलामी में शामिल हुईं।
बर्मिंघम फीनिक्स ने उस्मान तारिक से किया करार
सन ग्रुप के स्वामित्व वाली एसए20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप की टीम भी है लेकिन उनके पास इस टीम में कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं है। अबरार नीलामी के दौरान बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी थे। इससे पहले एक और स्पिनर उस्मान तारिक को बर्मिंघम फीनिक्स ने 140,000 पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपये) में खरीदा था। लीग 21 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगी।
इन टीमों के मालिक हैं भारतीय
द हंड्रेड में भारतीय आईपीएल टीमों ने निवेश किया है। लीग की प्रमुख टीमों में काव्या मारन की सनराइजर्स लीड्स के अलावा अंबानी परिवार की एमआई लंदन (ओवल इनविंसिबल्स), संजीव गोयनका का मैनचेस्टर सुपर जायंट्स (मैनचेस्टर ओरिजिनल्स) और जीएमआर ग्रुप की सदर्न ब्रेव शामिल है। भारत पाकिस्तान के बीच खरीब संबंधों की वजह से अटकलें लग रही थीं कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने में भारतीयों के मालिकाना हक वाली टीमें रुचि नहीं दिखाएंगी। इस बारे में इंग्लैंड के टी20 कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा था कि अगर ऐसा होता है तो दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
