बड़ौदा: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिंबाब्वे को रविवार को खेले गए तीन मैच की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में 121 रन के अंतर से मात देकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने हरमनप्रीत कौर(121 गेंद में 126 रन) और दीप्ति शर्मा(86 गेंद में नाबाद 106 रन) की शतकीय पारी की बदौलत 6 विकेट पर 328 रन का स्कोर खड़ा किया था। 329 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिंबाब्वे के बल्लेबाजों ने वैष्णवी शर्मा और दीप्ति शर्मा की फिरकी के आगे घुटने टेक दिए और पूरी टीम 48.5 ओवर में 207 न बनाकर ढेर हो गई। वैष्णवी ने 39 रन देकर 4 विकेट लिए। वहीं दीप्ति शर्मा ने 32 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। हरमनप्रीत कौर को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम (फोटो क्रेडिट BCCI Women X)
19 रन पर भारत ने गंवाए 2 विकेट
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। कप्तान स्मृति मंधाना पहले ही ओवर में खाता खोले बगौर पवेलियन लौट गईं। सिबांडा ने उनका शिकार किया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं शेफाली तीसरे ओवर में सिबांडा की गेंद पर कैच दे बैठीं। उन्होंने 8 रन बनाए। 19 रन पर 2 विकेट गंवाने के बाद भारतीय टीम मुश्किल में नजर आने लगी। ऐसे में पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने प्रतिका रावल के साथ मोर्चा संभाला और विकेटों की झड़ी पर लगाम लगाई। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। प्रतिका रावल ने 57 गेंद में 4 चौके और एक छक्के की बदौलत और हरमनप्रीत कौर ने 7 चौके की बदौलत 51 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों टीम को 143 रन तक ले गईं। इस साझेदारी को ग्वांजुरा ने 23वें ओवर की दूसरी गेंद पर तोड़ दिया। प्रतिका 61(67) रन बनाकर पवेलियन लौटीं।
हरमनप्रीत ने जड़ा करियर का 8वां वनडे शतक
प्रतिका के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आईं तेजल हसबनिस 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। ऐसे में बल्लेबाजी करने आईं दीप्ति शर्मा ने पूर्व कप्तान का साथ दिया। दोनों ने तेजी से रन बनाने शुरू किए और पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी पूरी कर ली। हरमनप्रीत कौर ने इस दौरान अपने वनडे करियर का 8वां शतक 101 गेंद में 12 चौके की मदद से पूरा कर लिया। हरमनप्रीत और दीप्ति भारत को 300 रन के पार ले गईं। 301 के स्कोर पर हरमनप्रीत मवुंगा की गेंद पर कैच दे बैठीं। उन्होंने 121 गेंद पर 126 रन की पारी खेली।
दीप्ति ने 83 गेंद में जड़ा आतिशी शतक
हरमनप्रीत कौर के आउट होने के बाद दीप्ति शर्मा पिच पर टिकी रहीं। दूसरे छोर पर उनका साथ देने आईं ऋचा घोष 7 रन बनाकर कैच दे बैठीं। अंत में दीप्ति ने अपने वनडे करियर का दूसरा शतक 83 गेंद में 14 चौके के साथ पूरा किया और टीम को 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बना सकी। दीप्ति 106 रन बनाकर और सयाली सतघरे 3(3) रन बनाकर नाबाद रहीं।
अच्छी शुरुआत के बाद जिंबाब्वे ने गंवाई लय
329 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिंबाब्वे की शुरुआत धीमी रही। मोडेस्टर मुपाचिकवा और लॉरेन फिरी ने पहले विकेट के लिए 38 रन की साझेदारी की। श्रीचरिणी ने फिरी को कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद मुपाचिकवा और चिपो मुगेरी तिरिपानो ने जिंबाब्वे को 100 रन के पार पहुंचा दिया। 107 के स्कोर पर तिरिपानो को सतघरे ने बोल्ड करके भारत को दूसरी सफलता दिलाई। वो 46 रन बना सकीं। इसके थोड़ी देर बाद मुपाचिकवा को वैष्णवी शर्मा ने कैच कराकर पवेलियन वापस भेज दिया। वो 49 रन बना सकीं और अपना अर्धशतक पूरा करने से चूक गईं।
207 रन पर ढही जिंबाब्वे की पारी
120 रन पर जिंबाब्वे ने तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद जिंबाब्वे की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। 154 के स्कोर पर बिलव्ड बिजा 34 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद लगातार विकेट गिरते गए और रनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। पूरी टीम 49.5 ओवर में 207 रन बनाकर ढेर हो गई। वैष्णवी शर्मा ने भारत के लिए सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। वहीं 3 सफलता दीप्ति शर्मा को मिली। एक-एक विकेट सयाली सतघरे, जे कलिता और श्रीचरिणी को मिले। 121 रन के अंतर से जीत के बाद भारतीय टीम ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। जिंबाब्वे के लिए सबसे ज्यादा 49 रन मुपाचिकवा ने और 46 रन तिरिपानो ने बनाए।
