अहमदाबाद: भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप 2023 के फाइनल में 6 विकेट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम का खिताबी जीत का सपना टूट गया। टीम इंडिया ने जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया के सामने 241 रन का लक्ष्य रखा था जिसे ऑस्ट्र्रेलियाई टीम ने 42 गेंद और 6 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया।
राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा
टीम और उसके प्रदर्शन पर है गर्व
जिस अंदाज में हम इस पूरे टूर्नामेंट में खेले मुझे टीम के खिलाड़ियों पर उसके लिए गर्व है। जिस गुणवत्ता की क्रिकेट हमने इस टूर्नामेंट में खेली वो विलक्षण है। मुझे खिलाड़ियों के प्रयास और मेहनत पर गर्व है। हम जो कुछ टूर्नामेंट को जीतने के लिए जो कर सकते थे वो किया। मुझे इस टीम पर टीम और खिलाड़ियों पर गर्व है। कुल मिलाकर हमारे लिए टूर्नामेंट अच्छा रहा। फाइनल मुकाबले में हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। जीत का श्रेय ऑस्ट्रेलिया को जाता है। मेरी ओर से उन्हें जीत के लिए बधाई। उन्होंने आज शानदार प्रदर्शन किया वो आज हमसे बेहतर साबित हुए।
शानदार रहा बतौर कोच कार्यकाल
राहुल द्रविड़ का कार्यकाल विश्व कप के फाइनल मुकाबले के साथ ही समाप्त हो गया। अपने कार्यकाल के बारे में राहुल द्रविड़ ने कहा, आगे क्या करूंगा इस बारे में मुझे सोचने के लिए वक्त नहीं मिला है। मैं मैच के बाद सीधा यहां आ गया हूं। ईमानदारी से कहूं तो मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो अपना आकलन करूं। मुझे इतनी शानदार टीम और सपोर्ट स्टाफ के साथ काम करने पर गर्व है। दो साल में सभी फॉर्मेट में मैंने जिन खिलाड़ियों के साथ काम करना शानदार अनुभव रहा।
हमें पता था मुश्किल होगा ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला
टीम इंडिया फेवरेट थी क्योंकि हम अच्छी क्रिकेट खेल रहे थे। लेकिन आप ये समझें कि ऑस्ट्रेलिया भी अच्छी क्रिकेट खेल रहा था। वो फाइनल मुकाबले में लगातार आठ जीत के बाद पहुंचे थे। हम किसी भी भ्रम की स्थिति में नहीं थे। हमें पता था कि फाइनल मुकाबला मुश्किल होने वाला है। हमें भरोसा था कि हम अगर अच्छा खेले तो हमें सही रिजल्ट मिलेगा। दुर्भाग्यवश आज वो हमसे बेहतर खेले। निश्चित तौर पर यह हमारे लिए निराशाजनक है। ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच निराशा का माहौल है। लेकिन वक्त के साथ सबकुछ ठीक हो जाएगा और हम ये मानने लगेंगे कि टूर्नामेंट हमारे लिए अच्छा रहेगा।
2027 के विश्व कप में मौजूदा टीम के कौन से खिलाड़ी रहेंगे। इसके जवाब में राहुल ने कहा, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। उसमें अभी बहुत वक्त और तबतक बहुत कुछ बदल जाएगा।
विनिंग स्कोर से रह गए 30-40 रन पीछे
द्रविड़ ने कहा, हम मैच विनिंग स्कोर से 30-40 रन पीछे रह गए। शाम की तुलना में दोपहर के वक्त पिच पर गेंद रुककर आ रही थी। शाम को ओस भी बहुत थी इस वजह से गेंद बल्ले पर आसानी से आ रही थी। एक वक्त था जब गेंद रुककर आ रही थी और हम बाउंड्री नहीं लगा पा रहे थे। हम स्ट्राइक रोटेट कर रहे थे लेकिन बाउंड्री निकालना मुश्किल था। हमने अपनी ओर से खेल को आखिर तक ले जाने की कोशिश पुरजोर की लेकिन लगातार विकेट गिरते गए। हमने जब सोचा कि साझेदारी बन गई है और अब रन तेजी से बनाएं तभी विकेट गिर गया, ऐसी स्थिति में हमने विराट, जडेजा और राहुल के विकेट गंवाए।
अहम मोड़ पर हमने गंवाए विकेट
अहम मोड़ पर हमने विकेट गंवाए इसी वजह से 30-40 रन कम बना सके। अगर हमने 280 या 290 रन बनाए होते और उनका स्कोर 60 रन पर 3 विकेट होता तो परिणाम कुछ और होता। हम उस स्कोर से केवल एक साझेदारी की दूरी पर थे। ट्रेविस हेड ने शानदार पारी खेली। गेंदबाजी के शुरुआती ओवरों में हम थोड़े दुर्भाग्यशाली रहे। बल्लेबाजों को कई बार बीट करने के बावजूद विकेट हासिल नहीं कर सके। हालांकि उस स्थिति से हम बाहर निकलने में सफल रहे लेकिन उसके बाद उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
शानदार लीडर हैं रोहित
रोहित शर्मा की कप्तानी की तारीफ करते हुए राहुल द्रविड़ ने कहा, वो एक शानदार लीडर हैं। रोहित ने शानदार तरीके से इस टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने इस टीम के लिए अपना बहुत सारा वक्त और ऊर्जा खर्च की। वो किसी भी तरह की चर्चा के लिए हमेशा उपलब्ध होते थे। कई बार बहुत सारी योजनाएं बनानी होती थीं। वो उन सभी चीजों के लिए संकल्पित थे। उन्होंने टीम के लिए अपना बहुत सारा व्यक्तिगत समय दिया। उन्होंने खुद भी शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने हर मैच में हमारे लिए लय बनाई। हमें पता था कि किस तरह की सकारात्मक छाप वाली क्रिकेट खेलनी है। वो उसके लिए कमिटेड थे और उदाहरण के साथ टीम का नेतृत्व करना चाहते थे। इस काम को उन्होंने शानदार ढंग से अंजाम दिया। मैं एक इंसान और लीडर के रूप में उनकी बहुत सराहना करता हूं।
हार्दिक के बाहर होने से बिगड़ा संतुलन
टीम इंडिया के हेड कोच द्रविड़ हार्दिक पांड्या के टूर्नामेंट से बाहर होने के बारे में कहा, हार्दिक पांड्या के चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होने का असर टीम के संतुलन पर पड़ा लेकिन इसका असर टीम के प्रदर्शन पर नहीं पड़ा। हम पांच गेंदबाजों के साथ खेलने के लिए तैयार थे। हमने फाइनल को छोड़कर बाकी सभी मैचों में उसे सही तरह से मैनेज किया। इस तरह के किसी भी टूर्नामेंट में आपको प्लान ए, प्लान बी और प्लान सी के साथ जाना होता है। हमने प्लान ए के साथ शरुआत की लेकिन आगे चलकर अच्छी तरह से प्लान बी को अपना लिया।
फाइनल में भी हम डरकर नहीं खेले
क्यों हम प्लेऑफ मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ रहा है। इसकी क्या वजह है क्या हम डरकर खेलते हैं? इसके जवाब में द्रविड़ ने कहा, मैं ये नहीं मानूंगा कि इस टूर्नामेंट में हम डरकर खेले। फाइनल मैच में भी हमने 10 ओवर में 80 रन बना लिए थे। ठीक है हम लोगों ने विकेट गंवाए, लेकिन जब आप विकेट गंवाते हैं तो आपको अपना तरीका और रणनीति बदलना पड़ता है और वो हमने इस पूरे टूर्नामेंट में दिखाया है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच में भी जब हमने कुछ विकेट गंवाए थे तो हमने उसके बाद अलग तरह की क्रिकेट खेली आपको उस तरह खेलना ही पड़ता है।
अटैक करने की कोशिश में गंवाए विकेट
फ्रंटफुट क्रिकेट आप शुरू जरूर करते हैं। फाइनल मैच में भी हम डरकर नहीं खेले। बीच के ओवरों में जरूर उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की हमारे तीन विकेट भी गिर गए थे लेकिन जब जब हमने थोड़ा अटैकिंग खेलने की कोशिश की तो हमारी विकेट गिर गए। ऐसे में आपको दुबारा साझेदारी विकसित करनी पड़ी। ट्रेविस हेड और लाबुशेन ने पहले साझेदारी विकसित की उसके बाद सुधार किया।
