भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उम्र सत्यापन के दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां पाए जाने के बाद बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला इस युवा क्रिकेटर के लिए एक बड़ा झटका है, जिन्हें हाल ही में राजकोट और अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ होने वाली आगामी घरेलू श्रृंखला (वनडे और बहुदिवसीय मैच) के लिए भारत की अंडर-19 टीम में शामिल किया गया था।
बीसीसीआई ने भारतीय अंडर-19 टीम के क्रिकेटर रोहित यादव पर प्रतिबंध लगाया (BCCI LOGO)
जन्म रिकॉर्ड्स में पाई गईं कई विसंगतियां
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई के निर्देशों के तहत क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) द्वारा चलाए गए एक व्यापक दस्तावेज सत्यापन अभियान के दौरान यह मामला सामने आया।
जांच के दौरान अधिकारियों को जन्म प्रमाणपत्रों और पहचान पत्रों में कई परस्पर विरोधी जानकारियां मिलीं
- जन्म प्रमाणपत्रों में भिन्नता: जांच में तीन अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्र मिले, जिनमें अलग-अलग जन्म वर्ष (2007, 2009 और 2010) दर्ज थे।
- आधार कार्ड में बार-बार बदलाव: रोहित ने जब 2014 में सीएबी में पंजीकरण कराया था, तब उनका जन्म वर्ष 2007 (उत्तर प्रदेश का पता) दर्ज था। इसके बाद आधार कार्ड में 2017 में हुए अपडेट में जन्म वर्ष बदलकर 2006 किया गया। फिर 2021 के संशोधन में इसे दोबारा बदलकर 2009 कर दिया गया।
- पते में बदलाव: दस्तावेजों में उनके पते का विवरण भी उत्तर प्रदेश से बदलकर हावड़ा और लिलुआ (पश्चिम बंगाल) किया गया पाया गया।
इन गंभीर विसंगतियों के चलते स्पिनर को आयु-वर्ग की क्रिकेट खेलने के लिए अयोग्य पाया गया। सीएबी ने शुरुआती तौर पर रोहित को अपनी जूनियर टीमों से बाहर किया और मामले की सूचना बीसीसीआई को दी। बोर्ड ने अब उन्हें सभी संबद्ध राज्य संघों के तहत दो साल के लिए घरेलू और आयु-वर्ग की क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित कर दिया है।
आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अंडर-19 श्रृंखला पर असर
इस बैन के कारण रोहित के करियर को एक बड़ा झटका लगा है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस लेग स्पिनर ने बंगाल के घरेलू ढाँचे में बेहतरीन प्रदर्शन कर भारतीय अंडर-19 टीम में अपनी जगह बनाई थी। लाई में भारत की अंडर-19 टीम के श्रीलंका दौरे के दौरान, उन्होंने अंतिम यूथ टेस्ट में छह विकेट लेकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए चुना गया था। बीसीसीआई जल्द ही उनके स्थान पर किसी अन्य खिलाड़ी के नाम की घोषणा कर सकता है।
सीएबी की व्यापक कार्रवाई
रोहित यादव अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जिन पर यह कार्रवाई हुई है। उनका निलंबन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल द्वारा जूनियर स्तर पर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे जांच अभियान का हिस्सा है।
मुख्य जानकारी: दस्तावेजों और उम्र संबंधी विसंगतियों के कारण सीएबी ने 62 खिलाड़ियों को 2026–27 और 2027–28 सत्रों के लिए पंजीकरण या स्थानांतरण के लिहाज से अयोग्य घोषित किया है।
अयोग्य घोषित किए गए खिलाड़ियों में कई प्रमुख नाम भी शामिल हैं
रवि कुमार: 2022 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज, जिनके सीएबी रिकॉर्ड में 45 महीने का अंतर पाया गया।
विशाल भट्टी: बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर।
सीएबी ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अयोग्य घोषित किए गए सभी खिलाड़ियों की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है।
