दाम्बूला: तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया-ए ने रविवार को डाम्बूला में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 66 रन के अंतर से मात देकर त्रिकोणीय सीरीज पर कब्जा कर लिया। टीम इंडिया ने वैभव सूर्यवंशी की 29 गेंद में 94 रन की आतिशी अर्धशतकीय पारी की बदौलत 9 विकेट के नुकसान पर 377 रन का स्कोर खड़ा किया। उनके अलावा तिलक वर्मा ने 67 रन की कप्तानी पारी खेली। इसके बाद जीत के लिए 378 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को भारतीय गेंदबाजों ने 47.1 ओवर में 311 रन पर ढेर करके 66 रन से खिताब अपने नाम कर लिया। यश ठाकुर और विप्रज निगम ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। वहीं दो सफलता अनुकूल रॉय को मिली।
इंडिया ए क्रिकेट टीम (फोटो क्रेडिट BCCI X)
पूरी टीम ने दिखाया जीत का जज्बा
खिताबी जीत पर खुशी जताते हुए तिलक वर्मा ने पूरी टीम को श्रेय दिया। भारतीय कप्तान ने कहा, 'जीत में सभी ने बहुत अच्छा जज़्बा दिखाया। खासकर तब, जब हम लगातार दो मैच गंवा दिए थे। उसके बाद हमने बड़े अंतर से जीत हासिल की, जो शानदार था। हमारे सभी खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट खेला है और उन्हें इस तरह की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव है। बस मैच से पहले सही प्लानिंग की बात है। हम शुरुआत जोरदार करते हैं, फिर स्थिति को संभालते हैं और बाद में तेजी लाते हैं। बॉलिंग को लेकर थोड़ी निराशा जरूर है लेकिन ऐसी सीरीज़ में ऐसा होता रहता है। लेकिन हमारी टीम अच्छी है।'
भारतीय बल्लेबाजों ने मचाया धमाल
भारतीय टीम ने सीरीज में खेले 4 लीग में से दो में जीत दर्ज की और दो में उसे हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अपने आखिरी मुकाबले में अफगानिस्तान को बड़े अंतर से मात देकर इंडिया-ए ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की। भारतीय बल्लेबाजों ने टूर्नामेंट में तिलक वर्मा टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज करहे उन्होंने 275 रन 5 मैच की 5 पारी में 55 के औसत से बनाए। वहीं रुतुराज गायकवाड़ ने 54.80 के औसत से 274 रन जोड़े। फाइनल में 94 रन की आतिशी पारी खेलने वैभव सूर्यवंशी ने 211 रन 42.20 के औसत और 200.95 के स्ट्राइक रेट से बनाए। भारत के लिए अनुकूल रॉय और विप्रज निगम ने सबसे ज्यादा 7-7 विकेट लिए। वहीं यश ठाकुर और निशांत सिंधू ने 5-5 विकेट अपने नाम किए।
