IND W vs NZ W Womens World Cup 2025 Preview: तीन लगातार मैचों में हार का सामना कर चुकी भारतीय महिला क्रिकेट टीम गुरुवार को डीवाई पाटिल स्टेडियम में होने वाले महिला विश्व कप के एक 'क्वार्टर फाइनल' जैसे अहम मुकाबले में न्यूज़ीलैंड से भिड़ेगी। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम को सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए इस मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। अगर भारतीय टीम अपने चिर-परिचित घरेलू मैदान पर न्यूज़ीलैंड को हरा देती है, तो वह सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चौथी टीम बन जाएगी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम (फोटो- BCCI X)
करो या मरो की स्थिति
भारत को विश्व कप में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पिछले तीन मैचों की गलतियों से सबक लेना होगा। यदि भारतीय टीम न्यूजीलैंड से हार जाती है, तो उसे सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए 'अगर मगर' के भंवर में फंसना पड़ेगा। उस स्थिति में उसे न केवल न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड की जीत के लिए दुआ करनी होगी, बल्कि बांग्लादेश के खिलाफ अपने अंतिम ग्रुप लीग मैच में भी जीत हासिल करनी होगी। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर चुके हैं। लगातार तीन हार ने भारत के समीकरणों को बिगाड़ दिया है।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी में कमज़ोरी
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दोनों ने भारत की गेंदबाजी की कमज़ोरियों को खुलकर उजागर किया है। लेकिन टीम को सबसे बड़ा झटका इंदौर में इंग्लैंड के खिलाफ लगा, जहां एक समय उसे 54 गेंदों पर 56 रन की ज़रूरत थी, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई। भारत की समस्या केवल छठे गेंदबाजी विकल्प तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टीम घरेलू मैदान पर खेलने के दबाव से भी जूझती दिखाई दे रही है। दबाव में विशिष्ट कौशल की कमी और कमज़ोर प्रदर्शन कप्तान हरमनप्रीत और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। अब तक कोई भी शीर्ष भारतीय बल्लेबाज मैच को अंत तक ले जाने में कामयाब नहीं हो पाया है, और गेंदबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव स्पष्ट नजर आ रहा है।
हरमनप्रीत और मंधाना पर दारोमदार
इस मुश्किल स्थिति में भारतीय बल्लेबाजी की मुख्य आधार, कप्तान हरमनप्रीत कौर और शानदार फॉर्म में चल रही स्मृति मंधाना, की अनुभवी जोड़ी को बड़ी जिम्मेदारी उठानी होगी। पिछले मैच में गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए भारत ने जेमिमा रोड्रिग्स को बाहर करके स्विंग गेंदबाजी विशेषज्ञ रेणुका ठाकुर को टीम में शामिल किया था, लेकिन यह रणनीति कारगर नहीं हो पाई। अगर भारत इसी संयोजन के साथ उतरता है, तो तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाली हरलीन देओल पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होगा, जो अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में बदलने में नाकाम रही हैं।
न्यूज़ीलैंड भी है तैयार
डीवाई पाटिल स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के अनुकूल रही है, लेकिन पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को दूसरी पारी में ओस (Dew) के प्रभाव को लेकर सतर्क रहना होगा। उधर, सोफी डिवाइन और सूजी बेट्स की अनुभवी जोड़ी भारत के लिए कड़ी चुनौती पेश करने के लिए तैयार है। न्यूजीलैंड की टीम भी एक पूर्ण मैच खेलने के लिए उत्सुक होगी, क्योंकि कोलंबो में उसके दो मुकाबले बारिश के कारण रद्द हो गए थे।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं:
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, अमनजोत कौर, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, राधा यादव और उमा छेत्री।
न्यूजीलैंड: सोफी डिवाइन (कप्तान), इसाबेला गेज (विकेट कीपर), मैडी ग्रीन, पॉली इंगलिस (विकेट कीपर), बेला जेम्स, जॉर्जिया प्लिमर, सूजी बेट्स, ब्रुक हॉलिडे, अमेलिया केर, ईडन कार्सन, ब्री इलिंग, जेस कैर, हन्ना रोव, फ्रैन जोनास, मौली पेनरॉल्ड।
