Jonny Bairstow 100th test :भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला पांचवां टेस्ट मैच जॉनी बेयर्स्टो के लिए बेहद खास होने वाला है।टेस्ट मैचों का शतक पूरा करने की दहलीज पर खड़े इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो ने मंगलवार को कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि तक पहुंचना उनके लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि इस बीच उन्हें कई कड़ी चुनौतियों से गुजरना पड़ा। उन्होंने इसे कैंसर से पीड़ित अपनी मां को भी समर्पित किया।
जॉनी बेयरस्टो (फोटो- ICC/X)
जॉनी बेयर्स्टो भारत के खिलाफ गुरुवार से शुरू होने वाले पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच में उतरते ही 100 टेस्ट मैच खेलने वाले इंग्लैंड के 17वें खिलाड़ी बन जाएंगे।बेयरस्टो ने कहा 'यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। कोई भी बच्चा जब पेशेवर क्रिकेट की अपनी यात्रा शुरू करता है तो वह 100 टेस्ट मैच खेलना चाहता है। मैंने 2012 में लॉर्ड्स में पदार्पण किया था और अगर 12 साल बाद आप कहते हैं कि मैं 100 टेस्ट मैच खेलने जा रहा हूं तो यह बेहद खुशी का पल होगा।'बेयरस्टो जब आठ साल के थे तब उनके पिता और इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर डेविड ने आत्महत्या कर ली थी। उनकी मां जेनेट ने स्तन कैंसर से जूझने के बावजूद परिवार को एकजुट रखा।
बेयर्स्टो ने धर्मशाला की पिच की जमकर की तारीफ
मैच के लिए तैयार की गई पिच के बारे में बेयर्स्टो ने कहा कि मैदानकर्मियों ने बहुत अच्छा काम किया है। वनडे विश्व कप के दौरान यहां के विकेट की काफी आलोचना हुई थी।उन्होंने कहा 'यदि वनडे विश्व कप की आउटफील्ड को ध्यान में रखते हुए बात करें तो मैदानकर्मियों ने बेहतरीन काम किया है। पिच अच्छी नजर आ रही है और अगर आप इससे तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की तरफ इशारा कर रहे हैं तो यह दोनों टीम के लिए अच्छा होगा।'बेयरस्टो ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना 100वां मैच भी धर्मशाला में ही खेला था।उन्होंने इस मैच स्थल के बारे में कहा 'केपटाउन मेरा पसंदीदा मैदान है लेकिन मुझे नहीं लगता कि विश्व में धर्मशाला से खूबसूरत कोई और मैदान है।'
