दुबई: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। टूर्नामेंट का आखिरी और खिताबी मुकाबला 9 मार्च, 2025 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को और न्यूजीलैंड दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में मात देकर फाइनल में पहुंची है। भारतीय टीम को एक ही मैदान पर खेलने का फायदा मिलने के लगातार और चौतरफा आरोप लग रहे हैं।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड को मिले खिताबी जीत
ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास का सबसे तेज शतक जड़ने वाले दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड मिलर चाहते हैं कि भारत के खिलाफ फाइनल में न्यूजीलैंड को जीत मिले लेकिन उन्हें इस मैच के काफी करीबी होने की उम्मीद है। मिलर ने कहा,'दोनों ही बहुत अच्छी टीम हैं। भारत ने दुनिया को दिखाया है कि उनकी टीम कितनी अच्छी है। वह पिछले कई वर्षों से लगातार अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं और उनके पास वास्तव में कुछ बेहतरीन खिलाड़ी हैं। यह शानदार मुकाबला होगा।'
न्यूजीलैंड का समर्थन करेंगे मिलर
फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड में से किसी खिताबी जीत मिले। इसके जवाब में ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ ने मिलर के हवाले से कहा, 'मैं आपके साथ ईमानदारी बरतूंगा। मुझे लगता है कि मैं न्यूजीलैंड का समर्थन करूंगा।'
फिर खिताब जीतने में नाकाम रहा दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका पिछले साल टी20 विश्व कप फाइनल में भारत से हार गया था और बुधवार को एक बार फिर नॉकआउट मैच में हारकर आईसीसी खिताब जीतने से महरूम रहा। सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका की हार के बाद मिलर ने टूर्नामेंट के फॉर्मेट पर सवाल उठाए। कराची में ग्रुप चरण का आखिरी मैच खेलने के तुरंत बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम को अगली सुबह तड़के दुबई के लिए उड़ान पकड़नी पड़ी। हाइब्रिड मॉडल पर खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की टीमों को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए ग्रुप चरण के मैच के परिणाम आने तक दुबई में डेरा डालना पड़ा।
बार-बार यात्रा पर जाहिर की नाखुशी
दक्षिण अफ्रीका ग्रुप बी में शीर्ष स्थान पर रहा था और भारत के ग्रुप ए में चोटी पर रहने के कारण उसे सेमीफाइनल खेलने के लिए वापस पाकिस्तान लौटना पड़ा। न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका की 50 रन की हार के दौरान शतक जड़ने वाले मिलर ने कहा कि कार्यक्रम आदर्श नहीं है। मिलर ने कहा,'यह भले ही एक घंटे और 40 मिनट की उड़ान है लेकिन कहने का मतलब यह है कि हमें ऐसा करना पड़ा। मैच के तुरंत बाद अगली सुबह हमें तड़के विमान पकड़ना पड़ा ताकि हम सही समय पर दुबई पहुंच सके। और सुबह 7.30 बजे हमें वापस आना पड़ा। यह अच्छी स्थिति नहीं थी। ऐसा नहीं है कि हमने पांच घंटे की उड़ान भरी और हमारे पास मैच के लिए पूरी तरह तैयार होने के लिए पर्याप्त समय था। लेकिन फिर भी यह कोई आदर्श स्थिति नहीं थी।'
