नई दिल्ली: श्रीलंका के ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने आईसीसी विश्व कप मुकाबले में सोमवार को यहां उन्हें ‘टाइम आउट’ करवाने के लिए शाकिब अल हसन और बांग्लादेश की अपील को बेहद शर्मनाक करार दिया जबकि विरोधी टीम के कप्तान ने कहा कि उन्हें इसका कोई मलाल नहीं है क्योंकि यह नियमों के अनुसार है। मैथ्यूज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘टाइम आउट’ होने वाले पहले बल्लेबाज बने। मैथ्यूज जैसे ही क्रीज पहुंचे और हेलमेट लगाने लगे तो उसका स्ट्रैप टूट गया। उन्होंने ड्रेसिंग रूम से दूसरा हेलमेट लाने का इशारा किया लेकिन इसमें दो मिनट से अधिक का समय लग गया। इस बीच शाकिब ने मैथ्यूज के खिलाफ टाइम आउट की अपील की और अंपायर मराइस इरासमस ने उन्हें आउट करार दे दिया।
टाइम आउट होने के बाद एंजेलो मैथ्यूज की प्रतिक्रिया
नहीं बचा शाकिब और बांग्लादेश के लिए सम्मान
मैथ्यूज ने कहा कि शाकिब और बांग्लादेश की यह हरकत बेहद शर्मनाक है और उन्हें नहीं लगता कि कोई और टीम ऐसा करती। मैथ्यूज ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मैं आज से पहले शाकिब और बांग्लादेश का काफी सम्मान करता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। मैं कोई समय बर्बाद नहीं कर रहा था। सभी देख सकते हैं कि मैं क्रीज पर था लेकिन मेरे हेलमेट का स्ट्रैप टूट गया। यह सीधा सा साजो सामान के खराब होने का मामला है। शाकिब और बांग्लादेश की हरकत बेहद शर्मनाक है। अगर वे इस तरह क्रिकेट खेलना चाहते हैं तो यह बेहद शर्मनाक है। मुझे नहीं लगता कि कोई और टीम ऐसा करती। मैंने उनसे अपील वापस लेने को भी कहा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।'
अंपायर को करना चाहिए था तकनीक का इस्तेमाल
श्रीलंका के इस ऑलराउंडर ने साथ ही कहा कि उनकी टीम के पास वीडियो साक्ष्य है कि वह समय पर क्रीज पर पहुंच गए थे और अंपायर को उन्हें आउट देने से पहले तकनीक की मदद लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, 'हमारे पास वीडियो साक्ष्य है कि मैं समय पर क्रीज पर पहुंच गया था। जब मैं क्रीज पर पहुंचा तब भी मेरे पास पांच सेकेंड बचे थे। अगर इसके बाद मेरे हेलमेट में समस्या आ गई तो मैं क्या कर सकता हूं। यह खिलाड़ी की सुरक्षा का सवाल है। अगर विकेटकीपर हेलमेट लगाए बिना स्पिनर के खिलाफ विकेटकीपिंग नहीं कर सकता तो फिर मैं गेंदबाज का सामना कैसे कर सकता था। अंपायर को मुझे आउट देने से पहले तकनीक का सहारा लेना चाहिए था। अगर तकनीक उपलब्ध है तो इसका इस्तेमाल होना चाहिए।'
मैच के बाद नहीं बांग्लादेशी खिलाड़ियों से हाथ
मैच के बाद श्रीलंका के खिलाड़ियों के बांग्लादेश के खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाने पर मैथ्यूज ने कहा कि अगर कोई टीम उनका सम्मान नहीं करती जो फिर वे कैसे उनका सम्मान करें। मैथ्यूज ने कहा, 'अगर कोई टीम हमारा सम्मान नहीं कर रही है तो फिर हम भी उसका सम्मान कैसे कर सकते हैं।'
