भारत के 23 साल के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने रविवार को जिंब्बावे के खिलाफ सीरीज के दूसरे टी20 मुकाबले में वो कारनामा कर दिखाया जिसकी उनसे अपेक्षा की जा रही थी। अभिषेक शर्मा ने डेब्यू मैच की नाकामी के 24 घंटे से भी कम समय में उबरते हुए जिंबाब्वे के खिलाफ सीरीज के दूसरे टी20 मुकाबले में 47 गेंद में 100 रन की आतिशी पारी खेलकर आलोचकों के मुंह बंद कर दिए। पहले टी20 मुकाबले में अभिषेक अपना खाता भी नहीं खोल सके थे लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने धमाकेदार वापसी करते हुए 33 गेंद में अर्धशतक और 46 गेंद में 7 चौके और 8 छक्के की मदद से शतक पूरा कर लिया। हालांकि वो अपनी शतकीय पारी को और बड़ा नहीं कर पाए और अगली ही गेंद पर कैच देकर पवेलियन लौट गए।
जिंबाब्वे के खिलाफ शतक जड़ने के बाद अभिषेक शर्मा
अभिषेक की पारी बनी हार जीत का अंतर
भारतीय टीम ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 234 रन का स्कोर खड़ा किया था जिसके जवाब में मेजबान टीम 18.4 ओवर में 134 रन बनाकर ढेर हो गई और टीम इंडिया ने 100 रन के अंतर से मैच अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया की जीत के बाद शतकवीर अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अभिषेक ने 100 रन की पारी खेली और यही दोनों टीमों के बीच हार जीत का अंतर रहा।
आज मैंने अच्छा प्रदर्शन किया
मैन ऑफ द मैच चुने जाने के बाद अभिषेक शर्मा ने कहा, मुझे लगा कि मैंने आज अच्छा प्रदर्शन किया। कल की हार के बाद ये अच्छा प्रदर्शन है। हमारे पास हार का दुख मनाने का ज्यादा वक्त नहीं था। मुझे लगता है कि टी20 लय वाला खेल है आज मेरा दिन था। मुझपर भरोसा बनाए रखने के लिए कोच और कप्तान का शुक्रिया। मैं पिछले कुछ महीने से टी20 में अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं उसे ही आज भी जारी रखा।
आज मेरा दिन था उठाना चाहता था पूरा फायदा
अभिषेक ने शतकीय पारी की शुरुआत में कैच छूटने के बारे में कहा, मुझे लगा कि आज मेरा दिन है किस्मत साथ है तो मुझे इसका फायदा उठाना चाहिए और जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मैं बल्लेबाजी के दौरान दूसरे छोर पर खड़े रुतुराज से भी लगातार बात करता रहा जिससे मुझे मदद मिली। मैं हमेशा अपनी आक्रमण क्षमता पर भरोसा रखता हूं। अगर मेरे पास लय है तो अगर मेरी पहुंच में गेंद है तो मैं उस पर प्रहार करता हूं भले ही मैच में कोई भी समय और परिस्थिति हो।
