चेन्नई: अफगानिस्तान के कप्तान हशमतउल्लाह शाहीदी ने शनिवार को टीम इंडिया के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका अदा करते हुए शानदार शतक जड़ दिया। अफगानिस्तान ने टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों ने प्रसिद्ध कृष्णा की कहर बरपाती गेंदबाजी के सामने घुटने टेक दिए थे। 36 रन पर अफगानिस्तान के चार बल्लेबाज पवेलियन लौट गए थे। ऐसे में कप्तान शाहीदी ने अजमतउल्लाह उमरजई के साथ मोर्चा संभाला और टीम को मुश्किल से उबराते हुए अपने करियर का पहला शतक जड़ा। उनकी शतकीय पारी की बदौलत अफगानिस्तान की टीम 44.2 ओवर में 218 रन बनाकर ढेर हो गई। शाहीदी को प्रसिद्ध कृष्णा ने श्रेयस अय्यर के हाथों कैच कराकर पवेलियन वापस भेजा। उनके आउट होते ही अफगानिस्तान की पारी समाप्त हो गई।
हशमतउल्लाह शाहीदी
जड़ा अफगानिस्तान के लिए दूसरा सबसे धीमा वनडे शतक
हशमतउल्लाह शाहीदी ने वनडे करियर का अपना पहला शतक 128 गेंद में 13 चौके और एक छक्के के साथ पूरा किया। शाहीदी अफगानिस्तान के लिए दूसरा सबसे धीमा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए। वनडे में अफगानिस्तान के लिए सबसे धामी शतक जड़ने का रिकॉर्ड इब्राहिम जादरान के नाम दर्ज है। जादरान ने साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 131 गेंद में शतक जड़ा था। इसके अलावा उस्मान घनी, रहमत शाह और सादिकुल्लाह अटल 125-125 गेंद में शतक जड़ चुके हैं। तीनों इस सूची में तीसरे पायदान पर काबिज हैं।
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पहले शतक के लिए सबसे लंबा इंतजार
हशमतउल्लाह शाहीदी वनडे क्रिकेट इतिहास में डेब्यू के बाद सबसे ज्यादा अंतराल में पहला शतक जड़ने के मामले में चौथे पायदान पर पहुंच गए हैं। साल 2013 में वनडे डेब्यू करने वाले शाहीदी को पहले वनडे शतक के लिए 4644 दिन लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने इस मामले में इंग्लैंड के खिलाफ नासिर हुसैन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नासिर ने 1989 में डेब्यू करने के बाद साल 2003 में अपना पहले वनडे शतक जड़ा था। पहले वनडे शतक के लिए उन्होंने 4639 दिन इंतजार किया। इस सूची में पहले पायदान पर जिंबाब्वे के रेगिस चकाबा हैं जिन्होंने डेब्यू के 5040 दिन बाद वनडे में अपना पहला शतक जड़ा था। इस सूची में दूसरे पायदान पर भारत के सुनील गावस्कर हैं जिन्होंने साल 1974 में वनडे डेब्यू किया और साल 1987 में उनके बल्ले से पहला वनडे शतक निकला। इसके लिए उन्हें 4858 दिन इंतजार करना पड़ा।
