सिलहट: भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि अन्य बल्लेबाजों को मौका देना उनकी टीम को भारी पड़ गया। भारत को शुक्रवार को महिला एशिया कप के 13वें मैच में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के हाथों शिकस्त मिली। भारतीय टीम को छह साल में पहली बार पाकिस्तान के हाथों टी20 इंटरनेशनल मैच में हार का सामना करना पड़ा। हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, 'मेरे ख्याल से हमने बीच के ओवरों में अन्य बल्लेबाजों को मौका देने की कोशिश की। यही हमें भारी पड़ गया।'
हरमनप्रीत कौर
भारतीय टीम सिलहट में 138 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 124 रन पर ऑलआउट हो गई थी। हालांकि, हरमनप्रीत ने ध्यान दिलाया कि अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से पहले प्रबंधन नए खिलाड़ियों को आजमाना चाहता है। भारतीय कप्तान ने साथ ही कहा कि उनकी टीम किसी विरोधी को हल्के में नहीं ले रही हैं और उन्होंने पाकिस्तान के बेहतर खेलने की तारीफ की।
हरमनप्रीत कौर ने कहा, '138 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था। बीच के ओवर्स में हम स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पा रहे थे। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि जो भी नया खिलाड़ी टीम में आए, उसे वर्ल्ड कप से पहले पर्याप्त मैच मिले। यह अन्य खिलाड़ियों के लिए शानदार मौका था। हम किसी टीम को हल्के में नहीं ले रहे हैं। यह खेल का हिस्सा है। उन्होंने अच्छा खेला और जीत के हकदार हैं। हमें क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है और मजबूत रहना है।'
ध्यान दिला दें कि निदा डार (56*) के नाबाद अर्धशतक की मदद से पाकिस्तान ने 20 ओवर में 137/6 का स्कोर बनाया। डार ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का छठा अर्धशतक जमाया। जवाब में भारत की शुरूआत खराब रही। स्मृति मंधाना और जेमिमा रॉड्रिग्ज जल्दी आउट होकर डगआउट लौट गईं। भारत ने इसके बाद दयालन हेमलता और पूजा वस्त्राकर को ऊपर भेजा, लेकिन इनमें से कोई योगदान नहीं दे पाया। दबाव में दीप्ति शर्मा और हरमनप्रीत कौर भी नहीं टिक सकीं। ऋचा घोष (26) ने अंत में तीन छक्के जमाकर मुकाबला रोमांचक बनाया, लेकिन टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहीं।
