Harbhajan Singh on Gautam Gambhir: भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर चल रही आलोचनाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। हरभजन को समझ नहीं आ रहा कि टीम के खराब प्रदर्शन की सारी जिम्मेदारी गंभीर पर ही क्यों डाली जा रही है। पीटीआई के पॉडकास्ट में बात करते हुए भज्जी ने कहा कि वो गंभीर को बहुत करीब से जानते हैं। "गौतम दिल का बहुत साफ इंसान है। जो मन में होता है वो खुलकर बोल देता है। उसकी यही कड़वी सच्चाई बोलने की आदत कुछ लोगों को नागवार गुजरती है।"
गंभीर के समर्थन में उतरे हरभजन (फोटो साभार- AI Created)
गंभीर की कोचिंग में टेस्ट में बुरा हाल
गंभीर के कोचिंग कार्यकाल में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे बड़े टाइटल जीते हैं। लेकिन टेस्ट में टीम का हाल बुरा रहा। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से मिली हार, जिसमें आखिरी दो सीरीज में तो भारत का घर में ही क्लीन स्वीप हो गया। इसके बाद फैंस और एक्सपर्ट्स ने गंभीर को घेरना शुरू कर दिया। हरभजन ने कहा, "जब टीम हारती है तो लोग हमेशा कोच को ही दोषी क्यों मान लेते हैं? मैंने गौतम को एक जुझारू खिलाड़ी के तौर पर देखा है जो हमेशा टीम को पहले रखता था।"
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भज्जी ने गंभीर के पुराने दिनों को भी याद किया। "जब वो टीम में नए-नए आए थे तो बहुत शांत रहते थे। सिर्फ वीरू, अमित मिश्रा और मुनाफ जैसे 2-3 लोगों से ही दोस्ती थी। मुझे लगता है आज भी वो दोस्ती वैसी ही है।" हरभजन के मुताबिक गंभीर को बाहरी रूप से जज नहीं करना चाहिए। "वो प्रतिभाशाली हैं और उन्हें पता है क्रिकेट कैसे जीती जाती है। एक कोच के तौर पर उनका एक ही मंत्र होगा - 'जीतने के लिए खेलो'। उन्हें हार से दिक्कत नहीं है, लेकिन ड्रॉ के लिए खेलना उन्हें पसंद नहीं आएगा।"
भारत के कप्तान गिल की भी तारीफ
इसी बातचीत में हरभजन ने नए कप्तान शुभमन गिल की भी तारीफ की। गिल की कप्तानी में भारत ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड से वनडे सीरीज हार चुका है, लेकिन भज्जी को पूरा भरोसा है। "सफलता एक दिन में नहीं मिलती। इंग्लैंड में पिछले साल उन्होंने कप्तान और बल्लेबाज दोनों तौर पर खुद को साबित किया था। उस सीरीज में सबसे ज्यादा रन भी बनाए थे। उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन गिल में काबिलियत है।"
