धर्मशाला: पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के लिए पदार्पण पर दबाव महसूस करने के बजाय ज्यादा उत्साहित थे और उनके पहले विकेट ने उनकी घबराहट दूर कर दी जिससे बारिश से प्रभावित पहले वनडे मैच में उनका प्रदर्शन यादगार रहा। बरार ने 27 रन देकर तीन विकेट के शानदार आंकड़े के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने शानदार पारी खेली और शनिवार को भारत को सात विकेट से आसान जीत दिलाई। अब मेजबान टीम तीन मैच की सीरीज में 1-0 से आगे है।
शुभमन गिल और गुरनूर बरार (फोटो क्रेडिट BCCI X)
चाहता था अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किए गए वीडियो में बरार ने गिल के साथ बातचीत में कहा,'मैं यह नहीं कहूंगा कि दबाव था, लेकिन उत्साह जरूर था। मुझे भारत के लिए अच्छा खेलना है, अच्छी गेंदबाजी करनी है, सिर्फ यही था। निश्चित रूप से हर कोई यहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता है और मैं भी वही कर रहा था। मुझे बस अपना सर्वश्रेष्ठ देना था और भगवान की कृपा से सब अच्छा रहा।'
शानदार रहा है घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन
बरार को पिछले सत्र की विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के आधार पर वनडे टीम में जगह मिली थी। उन्होंने 18 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 50 से ज्यादा विकेट भी लिए हैं। धर्मशाला में भी बरार ने अपनी तेज रफ्तार से प्रभावित किया। उन्होंने कई बार 145 किमी प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी की और अधिकतम 148.2 किमी प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की। बरार के सफर को करीब से देखने वाले गिल ने पदार्पण करने वाले खिलाड़ी से भारत की पहली कैप मिलने और पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने के अहसास के बारे में पूछा। बरार ने जवाब दिया कि पहला विकेट लेने के बाद उन्हें राहत महसूस हुई। उन्होंने कहा,'यह एक खास अहसास है, जैसे सारी मेहनत आखिरकार रंग लाई हो, इतनी गर्मी में की गई सारी मेहनत का फल मिल गया। निश्चित रूप से यह एक खास पल है।'
पहला विकेट लेने के बाद राहत महसूस हुई
बरार ने कहा,'(पहला विकेट) लेना एक उपलब्धि है जिसे आपको बस पार करना होता है। जब पहला विकेट गिरा, तो अचानक एक राहत सी महसूस हुई कि अब कोई तनाव नहीं है।' फिर गिल ने मजाक में बरार से पूछा कि क्या उन्हें डर था कि इब्राहिम जदरान का हवा में ऊंचा उठा शॉट छूट सकता है क्योंकि यह थोड़ा मुश्किल कैच था। लेकिन 26 साल के बरार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,'चूंकि आप उसके नीचे थे, इसलिए मुझे पता था कि यह कैच नहीं छूटेगा।'
गिल ने दिलाई टीम इंडिया को जीत
अफगानिस्तान ने सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज की 51 गेंदों पर 102 रनों की तूफानी पारी की बदौलत 194 रन का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को पारी को संभालने वाले किसी खिलाड़ी की जरूरत थी और गिल ने पूरे भरोसे के साथ ऐसा किया। उन्होंने नाबाद 84 रन बनाए और 22.5 ओवर में टीम को जीत दिलाई। गिल ने कहा कि उनका मकसद अंत तक टिके रहना और यह पक्का करना था कि भारत जीत हासिल करे।
स्टिकी था धर्मशाला का विकेट
गिल ने कहा,'जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मेरा मुख्य मकसद यही था कि मैं अंत तक वहां रहूं। मैं टीम के लिए मैच खत्म करना चाहता था। और, जैसा कि आप जानते हैं, मुझे जैसी शुरुआत की उम्मीद थी, वैसी शुरुआत नहीं मिली। इसलिए मुझे पता था कि मुझे थोड़ा संघर्ष करना होगा। विकेट अच्छा था, लेकिन थोड़ा स्टिकी था।' उन्होंने कहा, 'गेंद थोड़ी टर्न हो रही थी और थोड़ी सीम भी हो रही थी। इसलिए मैंने सोचा कि अगर मैं उस दौर से निकल जाऊं तो खेल आसान होता जाएगा।' गिल ने कहा,'फिर एक बार जब रन बनने लगे तो मुझे लय मिल गई। जब आप कोई योजना बनाते हैं और सब कुछ योजना के मुताबिक होता है, तो बहुत अच्छा लगता है।'
(भाषा)
