Duleep Trophy Final: दलीप ट्रॉफी फाइनल में जहां एक तरफ 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और वापसी कर रहे ईशान किशन की चर्चा हो रही थी, वहीं एक तीसरे नाम ने चुपचाप सबका ध्यान खींच लिया। इस खिलाड़ी का नाम शिखर मोहन है। 21 साल के इस युवा बल्लेबाज ने अपने पहले ही दलीप ट्रॉफी मैच में ऐसी पारी खेली कि बड़े-बड़े दिग्गज भी देखते रह गए। दरअसल शिखर इस फाइनल में प्लेइंग 11 का हिस्सा भी नहीं थे। वह रिजर्व ओपनर के तौर पर टीम के साथ थे। लेकिन मौका मिला और उन्होंने उसे दोनों हाथों से लपक लिया।
शिखर मोहन का धमाल (फोटो साभार- BCCI Domestic)
21 साल के शिखर मोहन का कमाल
वैभव के 44 रन और अभिमन्यु ईश्वरन के 72 के स्कोर पर रनआउट होने के बाद ईस्ट जोन 147 पर 3 विकेट गंवा चुका था। साउथ जोन वापसी की कोशिश में था। तभी क्रीज पर आए रांची के शिखर मोहन। शिखर ने आते ही अपनी परिपक्वता दिखाई। चेपॉक की पिच जहां स्पिनरों को मदद दे रही थी, वहां उन्होंने त्रिपुराना विजय और 100वां फर्स्ट क्लास मैच खेल रहे श्रेयस गोपाल जैसे अनुभवी स्पिनरों को बेहतरीन तरीके से खेला। अन्य बल्लेबाज जहां स्पिन के सामने फंस रहे थे, वहीं शिखर ने 120 गेंदों की पारी में 81 डॉट बॉल खेलकर संयम दिखाया और खराब गेंद पर कोई रहम नहीं किया।
शिखर ने खेली 85 रनों की पारी
शिखर ने अपनी 85 रनों की पारी में 54 रन सिर्फ चौके-छक्कों से बनाए। एक ओवर में तो उन्होंने विजय को एक छक्का और दो चौके जड़कर अपना इरादा साफ कर दिया था। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदों को छोड़ने का उनका तरीका देखकर लग ही नहीं रहा था कि यह उनका पहला बड़ा फाइनल है। कप्तान ईशान किशन के साथ मिलकर उन्होंने चौथे विकेट के लिए 94 रनों की अहम साझेदारी की और टीम को 241 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। वह शतक के करीब थे लेकिन सीवी मिलिंद की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए।
अब तक कैसा रहा शिखर का प्रदर्शन
शिखर का रिकॉर्ड वैसे भी शानदार रहा है। उन्होंने सीके नायडू ट्रॉफी 2023-24 में 9 पारियों में 77.88 की औसत से 623 रन बनाए थे और अपने पहले ही रणजी सीजन में 12 पारियों में 613 रन ठोके थे। फाइनल की इस 85 रन की पारी ने साबित कर दिया कि झारखंड ने एक और हीरा तराश लिया है।
