पडिक्कल ने एक पारी से तोड़ दिए कई रिकॉर्ड, नहीं जड़ पाए दोहरा शतक

देवदत्त पडिक्कल दोहरा शतक नहीं जड़ पाए। दूसरे दिन वह 167 रन बनाकर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। ह लगभग दो साल बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे थे। इससे पहले वह पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में खेले थे।

गॉल टेस्ट के दूसरे दिन प्रभात जयसूर्या की गेंद पर स्टंप आउट होने से पहले देवदत्त पडिक्कल ने 230 गेंदों में 167 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली। इस पारी के दम पर उन्होंने एक नहीं बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। साई सुदर्शन की जगह पर प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए पडिक्कल ने वॉर्म-अप मैच में ही अपने फॉर्म की झलक दिखा दी थी। गॉल टेस्ट के पहले ही दिन उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया। वह लगभग दो साल बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे थे। इससे पहले वह पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में खेले थे।

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देवदत्त पडिक्कल (साभार-X)

देवदत्त पडिक्कल ने रचा इतिहास

167 रन की इस पारी के दम पर उन्होंने इतिहास रच दिया। अब वह सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा के बाद श्रीलंका में 150 से अधिक रनों की व्यक्तिगत पारी खेलने वाले पांचवें भारतीय बन गए हैं। 26 वर्षीय पडिक्कल यह उपलब्धि हासिल करने वाले चौथे खिलाड़ी हैं, क्योंकि तेंदुलकर ने गॉल से बाहर यह पारी खेली थी।

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