APL Big controversy: अमेरिकन प्रीमियर लीग के पहले सीजन के सेमीफाइनल से पहले एक बेहद ही अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिले जो कि क्रिकेट में आज तक नहीं देखे गए। दरअसल अंपायरों ने स्पष्ट रूप से मैदान में उतरने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं किया। इसके अलावा, उन्होंने लीग के मालिक जय मीर से मांग की कि वे आएं और उन्हें मैदान पर उतरने के लिए उनका बकाया 30,000 डॉलर का भुगतान करें। इसके बाद बवाल और भी बढ़ गया।
अमेरिकन प्रीमियर लीग (फोटो- APL Twitter)
अंपायरों के इस प्रदर्शन को देखते हुए अमेरिकन प्रीमियर लीग के मैनेजमेंट ने पुलिस को बुला दिया और अंपायर को ही अरेस्ट कराते हुए उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया। ये क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ है। अमेरिकन प्रीमियर लीग ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर आरोप लगाया कि अंपायरों को उनका बकाया पहले ही भुगतान कर दिया गया था।
तय समय पर हुआ सेमीफाइनल मैच
इस बवाल के बावजूद मैच समय पर हुआ। सेमीफाइनल में आखिरकार मालिक के भाई और बल्लेबाजी पक्ष के एक सदस्य ने अंपायरिंग का काम संभाला। इस मुद्दे पर संयुक्त राज्य अमेरिका के आईसीसी पैनल अंपायर, विजय प्रकाश मल्लेला ने पीटर को पुष्टि की कि अंपायरों को उनके 30,000 डॉलर का बकाया नहीं दिया गया था और उनकी सेवाओं के लिए पैसे की मांग करने के लिए पुलिस को बुलाया गया था।
अंपायर ने कही ये बात
अंपायर विजया मल्लेला ने कहा कि' पिछले 10 दिनों में टीमों के साथ काम करना खुशी की बात थी। क्षमा करें, अंपायरों को भुगतान करने के बाद लगभग 30,000.00 डॉलर की शेष राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। हमारे अपने खर्चे हैं। जब हमने अपनी सेवाओं और खर्चों के लिए भुगतान की मांग की तो पुलिस को बुलाया गया। हमारे पास मैच छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए आप सभी को शुभकामनाएं।'
