Mohammad Shami Retirement: बिरयानी खिलाने की शर्त पर शमी ने अपनी टीम को जिताया था मैच, कोच ने साझा किए अनसुने किस्से

मोहम्मद शमी के कोच बदरुद्दीन सिद्दिकी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करने के बाद अपने सबसे पसंदीदा शिष्य के करियर की शुरुआत और संघर्ष से जुड़े कुछ अनसुने किस्से साझा किए हैं।

नई दिल्ली: बदरुद्दीन सिद्दीकी हमेशा से मानते रहे हैं कि उनके सबसे पसंदीदा शिष्य मोहम्मद शमी के लिए कोलकाता जाना पहले से ही तय था। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के छोटे से कस्बे सहसपुर में जन्मे शमी के लिए उत्तर प्रदेश क्रिकेट का दरवाजा बंद होना बंगाल क्रिकेट के लिए फायदेमंद साबित हुआ।

Mohammad Shami

मोहम्मद शमी (फोटो क्रेडिट ICC X)

कुछ कॉल ने बदली शमी की किस्मत

दरअसल जब शमी को उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में चयन के दौरान नजरअंदाज कर दिया गया तो उनके बचपन के कोच बदरुद्दीन ने कोलकाता में कुछ फोन किए और उनकी किस्मत बदल गई। गेंद को कलात्मक अंदाज में रिलीज करना, एसजी, ड्यूक और कूकाबूरा की लाल गेंद को बेहतरीन सीम पोजिशन के साथ स्विंग कराना शमी की खासियत बन गई। उनकी खास ’बैकस्पिन’ उनकी पहचान बन गई।

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