कोलकाता: बाबर आजम की कप्तानी वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम का विश्व विजय का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले की पहली पारी के बाद ही पाकिस्तान की घर वापसी तय हो गई। पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में फीका रहा। लगातार दो जीत के बाद पाकिस्तानी टीम को लगातार चार मैच में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उसने वापसी की पुरजोर कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहीं।
बाबर आजम
बतौर कप्तान और बल्लेबाज बाबर रहे नाकाम
पाकिस्तान की टीम की कमजोर कड़ी कप्तान बाबर आजम ही रहे। बाबर बतौर कप्तान और बल्लेबाज दोनों ही फ्रंट पर टीम की अच्छी तरह अगुआई नहीं कर सके। बल्लेबाजी में औसत प्रदर्शन उनके ऊपर ही भारी पड़ गया। विश्व कप की शुरुआत दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज के रूप में किया था। वर्ल्ड कप खत्म होते होते उनसे ताज भी छिन गया।
9 में से पाकिस्तान ने जीते 4 मैच
बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान ने 9 मैच खेले जिसमें से 4 में उसे जीत और 5 में हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तानी टीम को अंक तालिका में पांचवें स्थान से स्थान से संतोष करना पड़ा। पाकिस्तानी टीम को विश्व कप 2023 का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था। पाकिस्तानी टीम बाबर आजम की कप्तानी में प्रशंसकों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी।
औसत रहा दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज का प्रदर्शन
बाबर आजम का बतौर बल्लेबाज प्रदर्शन भी औसत ही रहा। उन्होंने 9 मैच की 9 पारियों में 1 बार नाबाद रहते हुए 320 रन 40 के औसत और 82.90 के स्ट्राइक रेट से बनाए। इस दौरान बाबर ने 4 अर्धशतक जड़े। उनका सर्वाधिक स्कोर 74 रन रहा। बाबर विश्व कप में बतौर बल्लेबाज अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज वाली छाप उनके खेल में नजर नहीं आई। बाबर आजम विश्व कप में अपनी टीम के टॉप स्कोरर भी नहीं रहे। दुनिया का नंबर एक बल्लेबाज रनों की रेस में 21वें पायदान पर रहा। बाबर से ज्यादा रन मोहम्मद रिजवान(395) और अब्दुल्लाह शफीक(336) ने बनाए।
पाकिस्तानी टीम मॉर्डन क्रिकेट खेलने में रही नाकाम
विश्व कप के बाद पाकिस्तानी टीम की कमान भी बाबर के हाथों से जा सकती है। ऐसे में उनके सामने दोहरी समस्या खड़ी हो गई है। अफगानिस्तान के खिलाफ हार उसके लिए गले की हड्डी बन गई है। बल्लेबाजी में बाबर का स्ट्राइक रेट 90 से भी नीचे रहा वहीं वो एक भी मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। पाकिस्तानी टीम मॉर्डन क्रिकेट खेलने में नाकाम रही। 4 मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तानी टीम एक बार भी 300 से ज्यादा का स्कोर नहीं खड़ा कर सकी। इन मैचों में से 3 में पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा जबकि एक में उसे जीत मिली।
