आईपीएल में हैट्रिक लेने वाले पहले स्पिनर और आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल किए गए अमित मिश्रा ने आकाश चोपड़ा को दिए गए इंटरव्यू में अपने उन डरावने दिनों के बारे में बताया है जब टीम से बाहर जाने के बाद वह डिप्रेशन में चले गए थे। आकाश चोपड़ा से बात करते हुए उन्होंने कहा 'मैं एक से डेढ़ साल डिप्रेशन में था। मैं हमेशा अपनी गलती के बारे में सोचता था। मैं हर जगह खेल रहा था, लेकिन बार-बार मेरे दिमाग में आ रहा था कि आखिर मेरी गलती क्या थी?
अमित मिश्रा (साभार-X)
उन्होंने आगे कहा 'एक सीजन खराब जाने के बाद मैं टीम इंडिया से बाहर था। मैं दलीप ट्रॉफी और इंडिया ए टीम से बाहर था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि आखिर हो क्या रहा है? हालांकि, उन्होंने कहा कि अपने ड्रीम मोमेंट के बाद इस तरह से दरकिनार किए जाने की स्थिति से आखिरकार मैं तब बाहर निकल पाया जब सेलेक्टर के साथ हमारी एक सकारात्मक बातचीत हो पाई। सेलेक्टर ने मुझसे कहा कि मैं अच्छा नहीं कर रहा हूं। मैं घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा नहीं कर पा रहा था और भारत के लिए खेलने की सोच रहा था। 2008 में अमित मिश्रा को वापसी करने का मौका मिला। उन्होंने 22 टेस्ट, 26 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 76, 64 और 16 विकेट झटके।
बुरे वक्त में कोई नहीं था मेरे साथ
अमित मिश्रा ने कहा 'बुरे वक्त में मेरे पास बात करने के लिए कोई नहीं था। मैं अपने परिवार के किसी सदस्य से भी यह नहीं कह सकता था। मैं सबसे इस बारे में बात नहीं कर सकता था। बाद में मुझे इस बात का एहसास हुआ कि जब तक मैं परफॉर्म नहीं करूंगा तब तक कुछ अच्छा नहीं होगा। एक सीजन मेरा अच्छा गया और उसके बाद मुझे दलीप ट्रॉफी के लिए चुना गया। मेरा कोई गॉडफादर नहीं था। मेरे कोच ने भी मुझसे यही बात कही थी।
