टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज और हाल ही में आईपीएल से संन्यास लेने वाले अंबाती रायडू ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है जिसमें उन्होंने बीसीसीआई के पूर्व सेलेक्टर पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे के कारण मेरा करियर बर्बाद कर दिया। उन्होंने टीवी नाइन तेलगु को दिए गए इंटरव्यू में इन मुद्दों पर खुलकर बात की है।
अंबाती रायडू (साभार-Twitter)
बेटे के कारण मुझे किया गया नजरअंदाज
अंबाती रायडू ने कहा कि शुरुआत से ही जब वह खेल रहे थे तो हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन में राजनीति शुरू हो गई थी। तब के अध्यक्ष शिवलाल यादव ने अपने बेटे अर्जुन यादव को मौका देने के लिए मुझे नजरअंदाज किया। रायडू ने कहा कि जब वह आंध्रप्रदेश से खेलते थे तो अर्जुन से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन फिर भी अर्जुन को तरजीह दी गई। रायडू ने कहा 'मैं साल 2003-04 में इंडिया ए के लिए खेलता था। लेकिन साल 2004 में सेलेक्ट कमेटि में शिवलाल यादव के करीबी आ गए और मुझे मौका नहीं मिला। इतना ही नहीं शिवलाल यादव के छोटे भाई ने मेरे साथ बदतमीजी भी की। उन्होंने मुझे मानसिक रुप से परेशान किया।'
2005 में रायडू ने छोड़ दिया हैदराबाद
साल 2005 में रायडू ने परेशान होकर हैदराबाद छोड़ दिया और आंध्रप्रदेश से जुड़ गए। साल 2005-06 में रणजी ट्रॉफी के दौरान अंबाती रायडू और अर्जुन के बीच लड़ाई भी हुई थी, जिससे खूब सुर्खियां बटोरी थी।
2019 वर्ल्ड कप पर भी बोले रायडू
इतना ही नहीं रायडू ने पूर्व सेलेक्टर एमएसके प्रसाद को लेकर भी कहा कि उनसे मतभेद के कारण ही उन्हें 2019 वर्ल्ड कप में जगह नहीं मिली जबकि पहले मुझे नंबर चार के लिए तैयार रहने को कहा गया था। उन्होंने कहा 'मेरे स्थान पर अंजिक्य रहाणे को ले लेते तो मुझे उतना दुख नहीं होता, लेकिन उन्होंने एक ऑलराउंडर विजय शंकर को चुना। आपको बता दें कि उस वक्त रायडू ने थ्री डी वाला ट्वीट किया था, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थी।
