EXPLAINER: सूर्या को हटाना हो या विराट-रोहित का संन्यास, अजीत अगरकर के पांच कड़े और बड़े फैसले

एक खिलाड़ी के रूप में जितने चर्चा अजीत अगरकर नहीं हुई, उससे कहीं ज्यादा बीसीसीआई चीफ सेलेक्टर बनने के बाद हो रही है। साल 2023 में भारतीय टीम का मुख्य चयनकर्ता बनने के बाद से मुंबई के पूर्व खिलाड़ी ने एक से बढ़कर एक बोल्ड फैसले लिए। अगरकर को अपने फैसलों के लिए अलोचनाएं भी झेलनी पड़ी है लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रहे हैं।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड में से एक भारतीय क्रिकेट बोर्ड का चीफ सेलेक्टर होना, मतलब दो धारी तलवार पर सवार होना होता है। चीफ सेलेक्टर की कुर्सी जितनी ताकतवर होती है। उतनी ही मुश्किल भी। क्योंकि भारत के क्रिकेट को खेला नहीं पूजा जाता है। ऐसे में चीफ सेलेक्टर का एक फैसला उन्हें दूरदर्शी बना सकता है तो वहीं दूसरा सवा सौ करोड़ भारतीयों के निशाने पर ला सकता है। लेकिन अजीत अगरकर ने यह जिम्मेदारी बखूबी संभाली।

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अजीत अगरकर के पांच बड़े फैसले।

जुलाई 2023 में जब अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) ने भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता (Chief Selector) की जिम्मेदारी संभाली। तब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी, वरिष्ठ खिलाड़ियों का सम्मान बनाए रखते हुए टीम इंडिया के भविष्य की नींव तैयार करना। उन्होंने यह दो जिम्मेदारी बखूबी निभाई। अगरकर ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे फैसले लिए, जिन पर खूब बहस हुई। लेकिन उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके लिए गए फैसले ने वो रिजल्ट दिया है, जिस पर भारतीय क्रिकेट फैंस को गर्व होना चाहिए। आइए अगरकर के लिए गए मुश्किल फैसलों पर एक नजर डालते हैं।

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