नई दिल्ली: भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन ल्यू शेंगशू और तान निंग की जोड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को इस हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को चीन की ल्यू शेंगशू और तान निंग की जोड़ी ने तीन गेम और 71 मिनट तक तक चले मुकाबले में 18-21, 21-13, 21-08 के अंतर से मात दी और फाइनल में प्रवेश करने में सफल रही। त्रीसा और गायत्री महिला युगल के फाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी बनने और इतिहास रचने से चूक गईं। त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की हार के साथ ही मेजबान भारत के अभियान का वर्ल्ड चैंपियनशिप में अभियान का अंत हो गया। भारत केवल एक कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रहा जो त्रीसा और गायत्री की जोड़ी ने भारत को दिलाया।
त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद(फोटो क्रेडिट BAI Media X)
त्रीसा-गायत्री ने धमाकेदार अंदाज में जीता पहला गेम
गैर वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने डिफेंडिंग चैंपियन के सामने कड़ी चुनौती पेश की। मैच के पहला गेम उतरा चढ़ाव भरा रहा। पहले गेम में जीता का कांटा लगातार पलड़े बदलता रहा। त्रीसा और गायत्री ने चीनी जोड़ के सामने शानदार शुरुआत की। पहले गेम में भारतीय जोड़ी ने 7-2 की शुरुआती बढ़त बना ली थी, दर्शकों का भी उन्हें सपोर्ट मिल रहा था लेकिन इसके बाद पिछले बार की स्वर्ण पदक विजेता जोड़ी ने शानदार वापसी की और लगातार 9 अंक बटोरकर ब्रेक तक 7-11 की बढ़त बना ली। भारतीय की गैरवरीयता जोड़ी को उन्होंने कोई मौका नहीं दिया। ब्रेक के बाद त्रीसा और गायत्री ने वापसी की। 10 प्वॉइंट बाद भारतीय जोड़ी सर्विस तोड़ने में सफल हुई और लगातार छह अंक बटोरे और 12-12 से बराबरी करके एक अंक की बढ़त बना ली। इसके बाद पलड़ा फिर से 13-16 की स्कोर लाइन के साथ चीन की तरफ झुका लेकिन भारतीय जोड़ी वापसी करने में सफल हुई और स्कोर एक बार फिर 16-16 से बराबर हो गया। ऐसे में चीनी जोड़ी ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया लेकिन भारतीय जोड़ी ने हार नहीं मानी और 18-18 से एक बार फिर बराबरी करने में सफल रही और लगातार तीन अंक बटोरकर पहला गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया और मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। भारतीय जोड़ी ने 13-16 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और पहला गेम 21-18 से अपने नाम करने में सफल रही।
चीनी जोड़ी ने दूसरे गेम में की धमाकेदार वापसी
पहला गेम गंवाने के बाद शेंगयू-निंग की जोड़ी ने दूसरे गेम में शानदार शुरुआत की और 0-3 की बढ़त बना ली। ऐसे में भारतीय जोड़ी ने वापसी ब्रेक से पहले चीन की जोड़ी के सामने 8-9 से पीछे थी लेकिन दोनों ने अपने शानदार खेल को जारी रखते हुए ब्रेक में 11-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद भारतीय और चीनी जोड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कांटे की टक्कर होती रही मुकाबला 12-12 की बराबरी पर पहुंचा। इसके बाद चीन ने लगातार 8 अंक बटोरकर 12-20 की बढ़त फिर बना ली। इसके बाद भारतीय जोड़ी सर्विस ब्रेक करने में सफल हुई लेकिन चीन ने दूसरा गेम 13-21 के अंतर से अपने नाम करके मैच में 1-1 से बराबरी कर ली।21-8 से गंवाया तीसरा गेम और मैच
तीसरे गेम में भी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को कड़ी टक्कर मिली। मुकाबला शुरुआत में 2-2 से बराबर हुआ इसके बाद चीनी जोड़ी ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए स्कोर लाइन को 3-6 से आगे बढ़ाते हुए 5-11 की बढ़त तीसरे और निर्णायक गेम में ब्रेक तक बना ली थी। चीनी जोड़ी ने तीसरे गेम में लगातार 8 अंक बटोरकर फाइनल की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए थे। 5-15 के स्कोर पर भारतीय जोड़ी सर्विस ब्रेक करने में सफल हुई। लेकिन जल्दी ही उनसे सर्विस छिन गई और स्कोर 7-16 हो गया और अंत में गेम 08-21 के अंतर से अपने नाम कर लिया।
