BWF World Championships 2026: त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को मिली विमेंस डबल्स सेमीफाइनल में मात, वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक से करना पड़ा संतोष

भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन ल्यू शेंगशू और तान निंग की जोड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अपने अभियान का अंत कांस्य पदक के साथ किया।

नई दिल्ली: भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन ल्यू शेंगशू और तान निंग की जोड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को इस हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को चीन की ल्यू शेंगशू और तान निंग की जोड़ी ने तीन गेम और 71 मिनट तक तक चले मुकाबले में 18-21, 21-13, 21-08 के अंतर से मात दी और फाइनल में प्रवेश करने में सफल रही। त्रीसा और गायत्री महिला युगल के फाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी बनने और इतिहास रचने से चूक गईं। त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की हार के साथ ही मेजबान भारत के अभियान का वर्ल्ड चैंपियनशिप में अभियान का अंत हो गया। भारत केवल एक कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रहा जो त्रीसा और गायत्री की जोड़ी ने भारत को दिलाया।

Treesa Jolly and Gayatri Gopichand

त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद(फोटो क्रेडिट BAI Media X)

त्रीसा-गायत्री ने धमाकेदार अंदाज में जीता पहला गेम

गैर वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने डिफेंडिंग चैंपियन के सामने कड़ी चुनौती पेश की। मैच के पहला गेम उतरा चढ़ाव भरा रहा। पहले गेम में जीता का कांटा लगातार पलड़े बदलता रहा। त्रीसा और गायत्री ने चीनी जोड़ के सामने शानदार शुरुआत की। पहले गेम में भारतीय जोड़ी ने 7-2 की शुरुआती बढ़त बना ली थी, दर्शकों का भी उन्हें सपोर्ट मिल रहा था लेकिन इसके बाद पिछले बार की स्वर्ण पदक विजेता जोड़ी ने शानदार वापसी की और लगातार 9 अंक बटोरकर ब्रेक तक 7-11 की बढ़त बना ली। भारतीय की गैरवरीयता जोड़ी को उन्होंने कोई मौका नहीं दिया। ब्रेक के बाद त्रीसा और गायत्री ने वापसी की। 10 प्वॉइंट बाद भारतीय जोड़ी सर्विस तोड़ने में सफल हुई और लगातार छह अंक बटोरे और 12-12 से बराबरी करके एक अंक की बढ़त बना ली। इसके बाद पलड़ा फिर से 13-16 की स्कोर लाइन के साथ चीन की तरफ झुका लेकिन भारतीय जोड़ी वापसी करने में सफल हुई और स्कोर एक बार फिर 16-16 से बराबर हो गया। ऐसे में चीनी जोड़ी ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया लेकिन भारतीय जोड़ी ने हार नहीं मानी और 18-18 से एक बार फिर बराबरी करने में सफल रही और लगातार तीन अंक बटोरकर पहला गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया और मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। भारतीय जोड़ी ने 13-16 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और पहला गेम 21-18 से अपने नाम करने में सफल रही।

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