नागोया: एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारत के ट्रैक एवं फील्ड के चोटिल खिलाड़ियों की सूची रविवार को उस समय और लंबी हो गई जब 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी यशस पलाक्षा अपनी हीट (शुरुआती दौर) के बीच में ही हट गए। इससे इन खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया और इसके लिए जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यशस ने 10 सितंबर को नई दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा नहीं लिया था जिसमें एशियाई खेलों के लिए चुने गए लगभग सभी खिलाड़ियों ने भाग लिया था। उस समय अटकलें थीं कि यशस चोट से जूझ रहे हैं।
यशस पलाक्षा
महिला 100 मीटर बाधा दौड़ की ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल ने भी नयी दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। दोनों ने शनिवार को चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने का फैसला किया। याराजी घुटने की समस्या से जूझ रही थीं जबकि चित्रावेल पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशान थे। हालांकि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने उनके कोचों द्वारा फिटनेस का आश्वासन दिए जाने और चिकित्सा प्रमाणपत्र दिखाए जाने के बाद दोनों को खेलने की मंजूरी दे दी थी।
रविवार को यशस 400 मीटर बाधा दौड़ की हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही पैर की मांसपेशियों में संभावित चोट के कारण दौड़ से हट गए जिसके कारण उनका परिणाम डीएनएफ (दौड़ पूरी नहीं की) रहा। भारतीय टीम के एक कोच ने पीटीआई से कहा,'टीम के डॉक्टरों ने उनकी चोट का आकलन किया है।'
शनिवार को याराजी 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले वार्म अप के दौरान ’दर्द महसूस होने’ के बाद हट गई थीं। चित्रावेल त्रिकूद में अपने पहले प्रयास के लिए तैयार हुए लेकिन इसे पूरा नहीं कर पाए और पिंडली पकड़कर बाहर आ गए। बाद में उन्हें व्हीलचेयर पर बाहर ले जाया गया और उनके नाम पर एनएम (कोई वैध दूरी नहीं) दर्ज हुआ। याराजी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'बहुत मेहनत, बहुत त्याग और एक सपना- एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना। मैंने इस पल के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी लेकिन दुर्भाग्य से पैर की मांसपेशियों में चोट लग गई। जिस चीज का आपने सपना देखा हो उससे दूर जाना कभी आसान नहीं होता। मैंने और मेरी टीम ने हरसंभव प्रयास किया लेकिन कभी-कभी खेल आपको सिखाता है कि हर चीज आपके हाथ में नहीं होती।'
याराजी ने कहा,'2025 और 2026 मेरी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे लेकिन मैं इन पलों को खुद को परिभाषित नहीं करने दूंगी। मुझे अब भी खुद पर, अपनी क्षमता और आगे के सफर पर विश्वास है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ का मेरे साथ खड़े रहने और इतनी मजबूत सहायता तथा प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद। मैं दिल की गहराइयों से आभारी हूं।'
एएफआई ने कहा कि याराजी फिट थीं और उन्होंने तैयारी शिविर के दौरान पूरी तरह प्रशिक्षण लिया था। एएफआई ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर लिखा,'आज (शनिवार) महिला 100 मीटर बाधा दौड़ के लिए वार्म अप के दौरान उन्हें असहजता महसूस हुई और कोचिंग टीम ने एहतियात के तौर पर उन्हें दौड़ से हटाने का फैसला किया। उनकी दीर्घकालिक फिटनेस हमारी पहली प्राथमिकता है।' चित्रावेल के बारे में एएफआई ने कहा,'प्रवीण चित्रावेल ने पुरुष तिहरी कूद फाइनल में पहले दौर के बाद अपना नाम वापस ले लिया और कोई वैध दूरी दर्ज नहीं की गई।'
एएफआई ने कहा,'उन्होंने टीम के साथ अपना प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया था और प्रतियोगिता से पहले या उसके दौरान टीम प्रबंधन को किसी चोट या चिकित्सकीय समस्या की जानकारी नहीं दी थी। हटने का फैसला खिलाड़ी ने खुद लिया।' एएफआई के एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई को बताया था कि महासंघ उन निजी संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगेगा जिनके साथ याराजी और चित्रावेल प्रशिक्षण ले रहे थे।
