मिगाहारा (जापान): भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के पलटवार के बावजूद अपनी टीम की 4-3 से जीत के बाद संतुष्ट होने के बजाय राहत महसूस कर रहे हैं। भारत ने इस मैच में जीत से अपना खिताब बचाने की उम्मीद को बनाए रखा है लेकिन इस मैच में उसकी रक्षापंक्ति की कमजोरी खुलकर सामने आ गई हैं और कोच ने कहा कि फाइनल में इस तरह की गलतियां स्वीकार नहीं की जा सकती हैं।
भारतीय हॉकी टीम के हेड कोच क्रेग फुल्टन (फोटो क्रेडिट AI Generated/ News Room Verified)
ऐसी जीत के बाद आप खुश नहीं हो सकते
फुल्टन ने कहा,'मुझे काफी राहत मिली है। 3-0 से आगे होने के बाद 3-3 से बराबरी और फिर 4-3 से जीत हासिल करने पर आप प्रसन्न नहीं हो सकते। मैं खुश हूं, लेकिन यह आदर्श स्थिति नहीं थी।' उन्होंने स्वीकार किया कि मैच के एक महत्वपूर्ण चरण के दौरान भारत अपनी लय खो बैठा, जिससे पाकिस्तान को वापसी करने और मौजूदा चैंपियन की कमजोरियों को उजागर करने का मौका मिला। उन्होंने कहा,'तीसरे क्वार्टर में और चौथे क्वार्टर की शुरुआत में हमारी लय थोड़ी बिगड़ गई। लेकिन अगर आप इस तरह की टीम के खिलाफ गलतियां करते हैं, तो वे गोल कर सकते हैं। यह हमारे लिए बड़ा सबक है।'
पहले हाफ के दबदबे का फायदा उठाने में नाकाम रही टीम
भारत हालांकि आखिर में जीत हासिल करने में सफल रहा लेकिन फुल्टन ने पहले हाफ में अपनी टीम के दबदबे का फायदा उठाने में विफल रहने की आलोचना की। उन्होंने कहा,'हमें पहले हाफ में चार और पांच गोल करने चाहिए थे। हमने कुछ मौके गंवाए और हम तीन गोल पर ही अटके रहे। पाकिस्तान के खिलाफ खेलते समय आपको तीन से अधिक गोल करने होते हैं।'
हम रक्षात्मक नहीं खेले, हमने मौके गंवाए
हालांकि, फुल्टन ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि उनकी टीम ने तीन गोल की बढ़त लेने के बाद जानबूझकर रक्षात्मक रवैया अपनाया था।
उन्होंने कहा,'मुझे नहीं लगता कि हम रक्षात्मक खेल खेले। हमने बस मौके गंवाए। अगर आप उस जैसी टीम के खिलाफ एक-दो गलतियां करते हैं, तो वे गोल कर सकते हैं। यही अंतर है।'
(भाषा)
