Asian Games 2026: एशियाई खेलों में महिलाओं की लंबी कूद में शैली सिंह के साथ नाइंसाफी का आरोप लगा है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) ने आरोप लगाया है कि शैली की एक छलांग को जानबूझकर कम नापा गया, जिससे उनका पदक छिन गया। अब AFI इस फैसले के खिलाफ खेल पंचाट (CAS) में अपील करने जा रहा है। रविवार को आइची-नागोया में महिलाओं की लंबी कूद का फाइनल था। इसमें भारत की एंसी सोजान ने 6.53 मीटर के साथ सिल्वर जीता, जबकि चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर कूदकर गोल्ड ले लिया।
शैली सिंह के साथ बेईमानी (फोटो साभार- shailisingh012)
चौथे स्थान पर रहीं शैली सिंह
भारत की दूसरी एथलीट शैली सिंह 6.42 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं। लेकिन विवाद उनके चौथे प्रयास को लेकर है, जिसे आधिकारिक तौर पर 6.41 मीटर नापा गया। शैली की मेंटर और भारत की दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने PTI से कहा कि यह पूरी तरह से बेईमानी है। अंजू के मुताबिक, "हमने साफ देखा कि उसकी छलांग गोल्ड मेडल के निशान से भी आगे थी। पिट के पास खड़े अधिकारी ने पहले शैली के पैर के निशान की ओर इशारा किया था, वहीं से नाप होना चाहिए था। लेकिन पीछे खड़े दूसरे अधिकारी ने इशारा किया और कहा कि वहां से नापो, जो काफी पीछे था। उन्होंने उसी छोटे निशान को नाप लिया।"
अंजू बॉबी जॉर्ज ने बताया नाइंसाफी
अंजू खुद AFI की वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं और 2003 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीत चुकी हैं। उन्होंने बताया कि शैली ने तुरंत विरोध दर्ज कराया। अधिकारियों ने उन्हें सामने से लिया गया वीडियो दिखाया, जिससे लैंडिंग का सही अंदाजा नहीं लगता। अंजू ने साइड व्यू वीडियो मांगा, तो अधिकारियों ने कहा कि उनके पास नहीं है। बाद में जूरी ने कहा कि उन्होंने साइड वीडियो देख लिया है और पुराना फैसला ही रहेगा। अंजू ने कहा, "यह शैली के साथ अन्याय है। हम CAS में शिकायत दर्ज कराएंगे।" अब यह मामला स्विट्जरलैंड के लुसाने स्थित CAS में जाएगा, जहां भारत को इंसाफ की उम्मीद है।
गोल्ड की दावेदार बन सकती थीं शैली
AFI का कहना है कि अगर सही नाप लिया गया होता तो शैली 6.50 मीटर से ऊपर कूद गई थीं और गोल्ड की दावेदार बन सकती थीं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अधिकारियों ने कहा कि शैली के बालों ने रेत पर सबसे नजदीकी निशान बनाया, इसलिए वहीं से नाप लिया गया। विश्व एथलेटिक्स के नियमों में शरीर के किसी भी हिस्से का निशान मान्य होता है, लेकिन AFI का तर्क है कि निशान चुनने में पक्षपात हुआ।
