New year 2023 Upay: साल 2023 को आने में अब 15 दिन से भी कम समय बचा है। इस नए साल की शुरुआत कई शुभ और महायोगों के साथ हो रहा है। साल के पहले दिन ही शिव, शश, रवि, सिद्ध और सर्वार्थ सिद्धि व अमृत जैसे महायोग बन रहे हैं। जिसके वजह से आने वाला नया साल ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। साथ ही साल की शुरुआत अश्वनी नक्षत्र से हो रही है। आपको बता दें कि अश्वनी नक्षत्र के देवता केतु ग्रह को माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इन शुभ योग के बीच नए साल के आने से पूरा साल शुभ और लाभदायक रहने वाला है।
कई महायोग में शुरू हो रहा है नया साल 2023, करें ये खास उपाय
नए साल में करें ये उपाय
- ज्योतिष शास्त्र में शिव, अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग को बहुत ही अच्छा माना जाता है। इसलिए इन शुभ योगों का शुभ प्रभाव सभी राशि के जातकों पर भी पड़ेगा।
- नए साल 2023 का आगाज रविवार से हो रहा है। रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है। अगर आपकी नौकरी या कारोबार में तरक्की नहीं हो रही तो इस दिन सूर्य को जल अर्पित करने के बाद गुड़ और चावल को बहते जल में प्रवाहित करें। पूरे साल आप पर सूर्य देव की कृपा बनी रहेगी।
- साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को सुबह 07:16 से दोपहर को 12:48 तक सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। नए साल में इस महायोग में नए काम की शुरुआत करना बहुत ही शुभ और सफलता देने वाला रहेगा। यह योग सभी इच्छाओं तथा मनोकामनाओं को पूरा करने वाला होता है।
- नए साल के पहले दिन शिव योग भी बन रहा है। यह 31 दिसंबर 2022 को सुबह 8:20 शुरू होगा और 1 जनवरी 2023 की सुबह 7:25 मिनट तक रहेगा। शिव योग में भगवान शिव का स्मरण कर मंत्र जाप व पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ती होती है। साल के पहले ऊं नम: शिवाय का 108 बार जाप कर अपने दिन और नए साल की शुरुआत करें। इससे धन लाभ होता है।
- 1 जनवरी 2023 को सुबह 07:25 से 2 जनवरी 2023 की सुबह 06:58 मिनट तक सिद्ध योग पड़ रहा है। शास्त्रों में सिद्ध योग को बहुत शुभ माना गया है। इस योग में मकान, वाहन, सोना-चांदी खरीदना शुभ होता है।
- 1 जनवरी 2023 को तांबे का पात्र दान करना बहुत ही शुभ होता है। ये कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत बनाता है और मान-सम्मान में बढ़ोत्तरी करता है।
इन उपायों से आने वाला साल बहुत शुभ और खुशहाल बीतेगा। ज्योतिष दृष्टि से देखा जाए तो 2023 की शुरुआत बहुत ही शुभ संकेतों के साथ हो रही है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
