Saturn Rise 2023: वैदिक ज्योतिष में शनिदेव को बहुत अहम और प्रभावकारी माना गया है। शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता भी कहा जाता है। ये लोगों को उनके अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। सभी नौ ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह होने के बाद भी सबसे प्रभावी हैं। शनि जब भी राशि परिवर्तन करते हैं तो इसका असर सभी राशि के जातकों पर पड़ता है। शनि इस साल 31 जनवरी को कुंभ राशि में अस्त हुए थे। जब शनिदेव अस्त होते हैं तो उनका नकारात्मक प्रभाव सभी राशि के जातकों पर पड़ता है। शनिदेव करीब एक माह बाद अब एक बार फिर 5 मार्च को कुंभ में पूर्ण रूप से उदय होने जा रहे हैं। शनिदेव का उदय कई राशि के जातकों के लिए बहुत ही फलकारी होने वाला है। इन राशि के जातकों की किस्मत खुल जाएगी।
शनिदेव 5 मार्च को होने जा रहे उदय
वृष राशि
शनि के उदय होने के साथ वृष राशि वालों के जातकों के जीवन में भी शुभ बदलाव होंगे। इस राशि के जातकों को आने वाले माह में विशेष लाभ मिल सकता है। भविष्य को लेकर अगर कोई योजना तैयार की है तो यह उस पर कार्य करने का सही मौका है। इस दौरान सभी कार्यों में तरक्की की संभावना है। वहीं, कोई रुका हुआ काम भी इस दौरान पूरा होने का योग है। आपकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होने के साथ आपको मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होगी।
कुंभ राशि
शनि कुंभ राशि में ही उदय हो रहे हैं, इसलिए इन जातकों को सफलता प्राप्त करने के कई अवसर मिलेंगे। अचानक से धन प्राप्ति का योग बनने के साथ बिगड़े हुए काम बनने की भी संभावना है। साथ ही, शनि के उदय होने से इन जातकों को नई और बेहतर नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े जातकों को जल्द तरक्की के साथ अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
सिंह राशि
शनि का उदय से सिंह राशि वाले जातकों के लिए भी बहुत शुभ संकेत है। शनि देव की कृपा इन जातकों पर बनी रहेगी और इन्हें सफलता प्राप्त करने के कई मौके मिलेंगे। जीवन में सुख-समृद्धि की वृद्धि होगी और परिवार व रिश्तों में खुशियां लौटेंगी। मित्रों के साथ भी संबंधों में सुधार होगा और स्वास्थ्य लाभ का आनंद भी ले सकेंगे।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए शनि का उदय ढेर सारा लाभ लेकर आ रहा है। शनि अस्त की वजह से इस राशि के जो जातक पिछले माह परेशानियों का सामना कर रहे थे, उन्हें मार्च माह में अच्छे दिन देखने को मिलेंगे। इन जातकों की सभी परेशानियां दूर होंगी और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी। अगर इस अवधि में मांगलिक और धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं तो यह बहुत फलदायी रहेगा।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
