मंगल दोष (Mangal Dosh): इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या ने पूरे देश को दहला कर रख दिया है। कोई सोच भी नहीं पा रहा है कि नई ब्याहता स्त्री इस तरह अपनी मांग का सिंदूर खुद ही उजाड़ सकती है। वैसे इस हत्याकांड में सोनम की कुंडली में मंगल दोष का जिक्र भी आ रहा है। कई खबरों में इस बात को दिखाया गया है। यहां जानें मंगल दोष क्या होता है, मंगल दोष कैसे विवाह पर प्रभाव डालता है और मंगल दोष को दूर करने के उपाय क्या हैं।
Mangal Grah Dosh Impact on marriage
क्या होता है कुंडली में मंगल दोष
मांगलिक दोष वैदिक ज्योतिष में एक ऐसा ग्रह दोष है जो विवाह पर विशेष प्रभाव डालता है। यह तब बनता है जब मंगल ग्रह व्यक्ति की कुंडली में 1, 4, 7, 8, या 12वें भाव में स्थित होता है।
मंगल दोष से शादी पर प्रभाव
- मांगलिक व्यक्ति को विवाह में देर हो सकती है, क्योंकि उसके लिए उपयुक्त साथी खोजना कठिन होता है।
- मंगल ग्रह ऊर्जा और क्रोध का प्रतीक है। इसलिए मांगलिक व्यक्ति के विवाह में झगड़े, असहमति और भावनात्मक उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।
- ज्योतिष में मान्यता है कि यदि मांगलिक व्यक्ति की शादी गैर-मांगलिक से हो, तो उसके जीवनसाथी की सेहत या जीवन पर संकट आ सकता है।
- तलाक या अलगाव का खतरा भी होता है। अगर कुंडली में अन्य दोष भी हों, तो शादी टूटने की संभावना बढ़ सकती है।
- 4वें और 8वें भाव में मंगल होने से पति-पत्नी में या उनके परिवारों में आपसी मतभेद हो सकते हैं।
मंगल दोष दूर करने के क्या हैं उपाय
- इस दोष को दूर करेन का सबसे सरल उपाय यह है कि मांगलिक व्यक्ति की शादी दूसरे मांगलिक से की जाए। इससे दोष का प्रभाव निष्क्रिय हो जाता है।
- कुछ परंपराओं में मांगलिक कन्या पहले प्रतीकात्मक रूप से पेड़ या मूर्ति से विवाह करती है, फिर असली विवाह होता है।
- हर मंगलवार व्रत और हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल दोष के प्रभाव कम हो सकते हैं।
- मंगल ग्रह की शांति के लिए पूजा की जाती है। इसमें मंगल शांति यज्ञ, महामृत्युंजय जाप, या नवग्रह शांति पूजा लाभकारी होती है।
मूल्यांकन किसी योग्य ज्योतिषी से कराएं
वैसे कुंडली में कई बार आंशिक मंगल दोष होता है, जो विवाह को प्रभावित नहीं करता है। इसलिए कुंडली का विश्लेषण किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से करवाना जरूरी है।
